-बिल, सिक्योरिटी राशि और टेंडर के नाम पर वसूली, ACB के हत्थे चढ़ा ग्राम विकास अधिकारी
बूंदी। एसीबी ने बूंदी जिले में ग्राम विकास अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सफाई कार्यों के बिल पास कराने, सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने और टेंडर कार्यों में परेशान नहीं करने की एवज में ₹25 हजार की रिश्वत मांग रहा था। एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी सतवीर सिंह कुमावत को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी बूंदी जिले की केशवरायपाटन पंचायत की सखावदा ग्राम पंचायत में कार्यरत था। कार्रवाई के बाद पंचायत समिति कार्यालय में हड़कंप मच गया।
“बिल पास करवाने हैं तो पैसे देने पड़ेंगे”
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि 5 मई 2026 को परिवादी ने एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायत सखावदा के अधीन गांवों में कचरा संग्रहण, नाली सफाई और सामुदायिक परिसरों की सफाई का ठेका ले रखा है। परिवादी के अनुसार उसने दो माह के सफाई कार्यों के बिल ग्राम विकास अधिकारी को सौंपे थे। बिल पास हो चुके थे, लेकिन भुगतान जारी करने, सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने और पहले से जारी अन्य टेंडर कार्यों को बिना बाधा चलने देने के बदले आरोपी ₹25 हजार की रिश्वत मांग रहा था।
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गोपनीय सत्यापन में सही निकली शिकायत
एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद 6 मई को मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप की रणनीति तैयार की।
पंचायत समिति कार्यालय में बिछाया गया जाल
उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीना के निर्देशन में एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस निरीक्षक पृथ्वीराज मीना और उनकी टीम ने केशवरायपाटन पंचायत समिति कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी सतवीर सिंह ने परिवादी से ₹25 हजार की रिश्वत ली, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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अब खंगाले जाएंगे पुराने काम और भुगतान
एसीबी सूत्रों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या आरोपी पहले भी इसी तरह ठेकेदारों और सफाई एजेंसियों से वसूली करता रहा है। साथ ही उसके कार्यकाल के दौरान हुए भुगतान, टेंडर और फाइलों की भी जांच की जा सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच
पूरे मामले की जांच अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला की निगरानी में की जा रही है। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
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