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बिजली चोरी का मामला दबाने की डील, ₹25 हजार रिश्वत लेते JEVVNL कर्मचारी गिरफ्तार

– अलवर में जेवीवीएनएल का हैल्पर गिरफ्तार, एसीबी की ट्रैप कार्रवाई से मचा हड़कंप

 

अलवर। एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलवर में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी बिजली चोरी का मामला दबाने और वीसीआर नहीं भरने की एवज में रिश्वत मांग रहा था। एसीबी चौकी अलवर प्रथम की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी संदीप कुमार को ₹25 हजार की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। आरोपी वर्तमान में हैल्पर प्रथम फीडर आंधाका कार्यालय कनिष्ठ अभियंता जेवीवीएनएल किशनगढ़ बास ग्रामीण में कार्यरत है।

 

“वीसीआर नहीं भरूंगा… लेकिन पैसे लगेंगे”

एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके घर पर बिजली लाइन से तार डालने के मामले में 5 मई 2026 को विजिलेंस टीम पहुंची थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी संदीप कुमार और एईएन मौके पर पहुंचे, घर की फोटो खींची और वीसीआर भरने की कार्रवाई शुरू कर दी। परिवादी के साथ उसके भाई और भतीजे के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की गई। परिवादी का आरोप था कि उस समय वह घर पर मौजूद नहीं था, लेकिन बाद में आरोपी लाइनमैन संदीप कुमार ने उससे संपर्क कर कहा कि यदि वह वीसीआर और कार्रवाई से बचना चाहता है तो उसे रिश्वत देनी होगी।

 

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₹35 हजार की डिमांड, ₹25 हजार में हुआ सौदा

शिकायत के अनुसार आरोपी ने शुरुआत में ₹35 हजार की रिश्वत मांगी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया तो जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। सत्यापन के दौरान आरोपी ₹25 हजार लेने पर तैयार हो गया। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।

 

रिश्वत लेते ही एसीबी टीम ने दबोचा

उप महानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण के सुपरविजन में एसीबी चौकी अलवर प्रथम के प्रभारी शब्बीर खान के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ने परिवादी से ₹25 हजार की रिश्वत ली, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।

 

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अब होगी संपत्ति और नेटवर्क की जांच

एसीबी सूत्रों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वह अकेले रिश्वतखोरी कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है। मामले की जांच अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला की निगरानी में की जा रही है। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

 

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