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गिरफ्तारी के बाद महेश जोशी का भावुक बयान- “आरोप साबित हुए तो खुद ही ऐसा कदम उठाऊंगा कि किसी को शिकायत नहीं रहेगी”

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया, जब जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़े कथित 979.45 करोड़ रुपए के घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया। सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद जैसे ही ACB की टीम उन्हें कोर्ट में पेशी के लिए लेकर निकली, महेश जोशी ने मीडिया के सामने भावुक और आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी।
गिरफ्तारी के बीच दिए गए उनके बयान ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। खुद को निर्दोष बताते हुए जोशी ने कहा कि यदि उन पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं, तो वह खुद ही ऐसा कदम उठा लेंगे कि किसी को उनसे कोई शिकायत नहीं रहेगी।

“सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं”

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए महेश जोशी ने कहा, “मैं निर्दोष हूं। अगर मैं खुद को निर्दोष साबित नहीं कर पाया, तो मैं खुद ही ऐसा कुछ कर लूंगा कि मेरे से किसी को कोई शिकायत नहीं होगी। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। मैं सच्चा हूं, लेकिन गिरफ्तारी से परेशान जरूर हूं, क्योंकि यह कोई सम्मान की बात नहीं है।”
उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कांग्रेस समर्थकों ने इसे एक ईमानदार नेता की पीड़ा बताया, जबकि भाजपा नेताओं और विरोधियों ने इसे सहानुभूति बटोरने की कोशिश करार दिया।

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शादी की सालगिरह पर गिरफ्तारी, पत्नी को याद कर हुए भावुक


गिरफ्तारी के दौरान महेश जोशी निजी जीवन को लेकर भी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “आज मेरी शादी की सालगिरह है। सरकार ने मुझे गिरफ्तार करके मेरी पत्नी को श्रद्धांजलि दी है।”
यह कहते वक्त उनकी आवाज भर्रा गई। गौरतलब है कि उनकी पत्नी कोशल देवी का पिछले साल 28 अप्रैल 2025 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वे किडनी समेत कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं और जयपुर के मणिपाल अस्पताल में भर्ती थीं।
उस समय प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट की अनुमति से महेश जोशी को अस्पताल में पत्नी से मिलने की इजाजत दी थी। उन्हें सात दिन की पैरोल भी मिली थी।

“जिनके खिलाफ कार्रवाई की, वही अब मुझे फंसा रहे”

ACB की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए महेश जोशी ने दावा किया कि उन्हें एजेंसी की ओर से कोई नोटिस तक नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “मैं केस के तथ्यों पर टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि मैं निर्दोष हूं। सत्ता में रहते हुए जिन लोगों के खिलाफ मैंने कार्रवाई की थी, उन्हीं लोगों के बयान लेकर आज मुझे फंसाया जा रहा है। यह पूरी तरह गलत है।”
उन्होंने सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, ACB की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या है 979 करोड़ का जल जीवन मिशन घोटाला?

पूरा मामला जल जीवन मिशन (JJM) के तहत हुए कथित 979.45 करोड़ रुपए के घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि योजना में पाइप सप्लाई, टेंडर प्रक्रिया और ठेकों के आवंटन में भारी अनियमितताएं हुईं। जांच एजेंसियों का दावा है कि कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को दरकिनार किया गया और करोड़ों रुपए के कार्यों में वित्तीय गड़बड़ी की गई। इसी मामले में ACB ने करीब छह महीने पहले एफआईआर दर्ज की थी।
इस केस का मनी लॉन्ड्रिंग एंगल भी सामने आया था, जिसकी जांच ED कर रही है। ED पहले ही महेश जोशी को गिरफ्तार कर चुकी थी और वे करीब सात महीने तक जेल में रहे थे।

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सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली, अब फिर बढ़ीं मुश्किलें

महेश जोशी को दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी। शीर्ष अदालत ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए उन्हें जमानत दी थी। इसके बाद वे जेल से बाहर आए थे। लेकिन अब ACB की नई कार्रवाई ने उनकी मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला राजस्थान की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है, क्योंकि JJM घोटाले की जांच अब सीधे पूर्व मंत्री तक पहुंच चुकी है।

कांग्रेस बनाम भाजपा में फिर तेज होगी सियासत

पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करार दे रही है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह मामला सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं रहेगा, बल्कि राजस्थान की राजनीति में बड़ा नैरेटिव भी बनेगा। खासकर तब, जब कांग्रेस इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” और भाजपा इसे “भ्रष्टाचार पर प्रहार” के रूप में पेश करने की तैयारी में है।

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