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लखनऊ अग्निकांड के बाद जयपुर में ताबड़तोड़ कार्रवाई, 14 कोचिंग-लाइब्रेरी सील, फायर सेफ्टी की खुली पोल

-NOC खत्म, इमरजेंसी एग्जिट गायब, लापरवाह कोचिंग संचालकों पर निगम ने दिखाई सख्ती

जयपुर। लखनऊ के कोचिंग अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद जयपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। छात्रों की सुरक्षा को लेकर नगर निगम और पुलिस ने मंगलवार को शहरभर में संयुक्त अभियान चलाया। फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 14 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया गया, जबकि 24 से अधिक कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई ने शहर के कोचिंग हब में हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और फायर एनओसी जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं मिलीं, उनके खिलाफ बिना किसी ढील के कार्रवाई की जा रही है।

इन संस्थानों पर गिरी कार्रवाई की गाज

नगर निगम की कार्रवाई की जद में आए संस्थानों में कार्तिक कॉम्पिटिशन, अरावली क्लासेस, मैड गुरु, राजस्थान जेट क्लासेस, विजीपी क्लासेस/जेजे क्लासेस, एएसपी क्लासेस, क्लास-24, करियर विल ऑफलाइन, इंटरनेशनल क्लासेस, गुरुकुल लाइब्रेरी, डीएन क्लासेस, मां सरस्वती लाइब्रेरी, डीएन लाइब्रेरी और कार्तिक लाइब्रेरी शामिल हैं।

 

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फायर सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट पर फोकस

जयपुर के गोपालपुरा बाइपास के पास स्थित दृष्टि कोचिंग सेंटर को निगम की टीम ने दिया नोटिस।
जयपुर के गोपालपुरा बाइपास के पास स्थित दृष्टि कोचिंग सेंटर को निगम की टीम ने दिया नोटिस।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने जांच की कि भवनों में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम काम कर रहे हैं या नहीं है। अग्निशमन उपकरण वैध हैं या उनकी अवधि समाप्त हो चुकी है, और आपात स्थिति में बाहर निकलने के पर्याप्त रास्ते मौजूद हैं या नहीं। साथ ही संस्थानों से फायर एनओसी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए।

600 इकाइयों को नोटिस, 150 कोचिंग-लाइब्रेरी रडार पर

जयपुर नगर निगम हेरिटेज के चीफ फायर ऑफिसर देवेंद्र मीणा ने बताया कि 4 जून से अब तक 600 से ज्यादा इकाइयों को फायर एनओसी को लेकर नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें करीब 150 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आमेर और हवामहल जोन में 6 कोचिंग और लाइब्रेरी को सील किया गया, क्योंकि ये बेसमेंट में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे थे। कई जगहों पर फायर फाइटिंग सिस्टम तक मौजूद नहीं था और इमरजेंसी एग्जिट की कोई व्यवस्था नहीं मिली।

 

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एनओसी खत्म, फिर भी चल रही थीं क्लासें

प्रशासन की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ संस्थानों की फायर एनओसी दो साल पहले ही समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद वहां नियमित रूप से क्लासें संचालित की जा रही थीं। ऐसे संस्थानों को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

अब नहीं चलेगी लापरवाही

लखनऊ हादसे के बाद जयपुर प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। अधिकारियों का साफ कहना है कि हजारों छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। आने वाले दिनों में और कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रशासन के रडार पर आ सकते हैं।

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