-रीट घोटाले की जांच ED और CBI करे, डोटासरा-गहलोत गैंग पर कसे शिकंजा
जयपुर। राजस्थान में रीट परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने एक बार फिर बड़ा ‘सियासी बम’ फोड़ा है। डॉ. मीना ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कड़ा पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि राजस्थान के इतिहास के सबसे बड़े पेपर लीक घोटाले के तार सीधे ’10 जनपथ’ (सोनिया गांधी के आवास) और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक जुड़े हुए हैं। किरोड़ी मीणा ने पत्र में आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आयोजित 18 प्रतियोगी परीक्षाओं में से 17 के पेपर लीक हुए, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ। उन्होंने लिखा कि उन्होंने इस मुद्दे को लगातार उठाया और प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद ही मामला प्रवर्तन निदेशालय तक पहुंचा, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद जांच एजेंसियों की कार्रवाई बेहद धीमी रही, जिससे कई अहम सबूत नष्ट कर दिए गए। किरोड़ी लाल मीना ने केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की है कि इस पूरे सिंडिकेट, कांग्रेस समर्थित एनजीओ राजीव गांधी स्टडी सर्किल के कर्ता-धर्ताओं, पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री सुभाष गर्ग और तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष डी.पी. जारोली समेत पूरे ‘नेक्सस’ से कड़ी पूछताछ कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
‘800 करोड़ की वसूली और AICC को फंडिंग’- खत में बड़े खुलासे
गृह मंत्री को भेजे गए पत्र में डॉ. मीना ने बिंदुवार सनसनीखेज दावे किए हैं: कलकत्ता की काली प्रेस को बैकडोर ठेका: नियमों को ताक पर रखकर कलकत्ता की ‘सरस्वती प्रिंटिंग प्रेस’ को रीट का पेपर छापने का काम दिया गया। डोटासरा और सुभाष गर्ग ने अपने सिविल लाइंस स्थित बंगले पर प्रेस मालिक के साथ डील की और वहीं से पेपर लीक कराया गया। RGSC का ‘सेंसिटिव’ सिंडिकेट: सोनिया गांधी की प्रेरणा से बने राजीव गांधी स्टडी सर्किल के पदाधिकारियों को नियम दरकिनार कर जयपुर और अन्य जिलों में कोऑर्डिनेटर बनाया गया। करीब 40 केंद्रों से 20-20 करोड़ रुपए एकत्र कर लगभग 800 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की गई, जिसका इस्तेमाल AICC को फंड करने में हुआ। शिक्षा संकुल के स्ट्रांग रूम का खेल: जयपुर में पुलिस और सीसीटीवी कैमरों के बिना प्राइवेट व्यक्तियों के जरिए स्ट्रांग रूम से पेपर पार कराए गए।
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‘जारोली को गायब कराया गया, 1.23 लाख अभ्यर्थियों के 140+ अंक’
किरोड़ी लाल मीना ने साफ कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष डी.पी. जारोली को जब बलि का बकरा बनाकर हटाया गया, तो उन्होंने कबूला था कि यह सब “राजनीतिक संरक्षण” में हुआ है। इसके बाद डोटासरा और उनके आकाओं ने जारोली का मुंह बंद रखने के लिए उन्हें अंडरग्राउंड करवा दिया। डॉ. मीना ने सवाल उठाया कि 1 लाख 23 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के 140 से ऊपर अंक आना ही यह साबित करता है कि रीट परीक्षा में अरबों रुपए का ‘न्यारा-बारा’ हुआ है।
हत्याकांड और रहस्यमयी हादसों पर भी घेरा
पत्र में डॉ. मीना ने रीट घोटाले से जुड़ी दो संदिग्ध मौतों का भी प्रमुखता से जिक्र किया:
कैलाश हत्याकांड (करौली): रीट के पैसों का लेन-देन करने वाले मृतक कैलाश की हत्या के पीछे कांग्रेस के एक दबंग विधायक का हाथ बताया गया, जिसे गहलोत सरकार के समय दबा दिया गया।
कलकत्ता कंटेनर हादसा: 22 सितंबर 2021 को कलकत्ता से पेपर ला रहा कंटेनर मनोहरपुर हाईवे पर पलटा था, जिसमें चालक की मौत हो गई थी। परिजनों के मुताबिक यह हादसा नहीं, बल्कि पेपर माफियाओं द्वारा रचा गया मर्डर था।
अब आर-पार की लड़ाई: ED और एजेंसियों की ढिलाई पर भी जताई नाराजगी
डॉ. किरोड़ी लाल ने स्वीकार किया कि पुख्ता सुबूत होने के बावजूद पूर्व में ED और SOG ने ढिलाई बरती, जिससे सबूतों को नष्ट करने का मौका मिला। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। देश के लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इन ‘बड़े मगरमच्छों’ को अब सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाए।






