जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनावों की सरगर्मियां तेज होते ही कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोल दिया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर निकाय चुनाव टालने, ब्यूरोक्रेसी के जरिए निकाय चलाने, भ्रष्टाचार और विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि रोकने जैसे गंभीर आरोप लगाए। डोटासरा ने कहा कि यह प्रदेश का दुर्भाग्य है कि नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने के लिए न्यायालय की अवमानना के प्रकरण तक की नौबत आई।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने करीब डेढ़ साल तक नगर निकायों में निर्वाचित बोर्ड की जगह प्रशासक नियुक्त कर ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से काम कराया। उनके मुताबिक, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में देरी के कारण चुनाव आगे खिसकाए गए और परिसीमन में भी मनमानी की गई। कहीं तीन वार्डों को मिलाकर एक वार्ड बनाया गया तो कहीं एक वार्ड के तीन हिस्से कर दिए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या में भारी असमानता पैदा हुई है।
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‘आरक्षण की लॉटरी में भी हुई मनमानी’
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने निकायों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 73वें और 74वें संविधान संशोधन के बाद पहली बार नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका की आरक्षण लॉटरी को अलग-अलग निकालने की पुरानी व्यवस्था बदलकर सभी को एक साथ कर दिया गया। डोटासरा का दावा है कि प्रदेश के 10 नगर निगमों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए एक भी सीट आरक्षित नहीं हुई, जबकि केवल एक ओबीसी महिला को आरक्षण मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छोटी निकायों में ओबीसी आरक्षण 21 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया।
‘जयपुर में 30 साल से भाजपा का बोर्ड, फिर भी हालात बदतर’
जयपुर को लेकर डोटासरा ने भाजपा को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि करीब तीन दशक से अधिकांश समय जयपुर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड रहा है, इसके बावजूद शहर की हालत खराब है। उन्होंने सड़कों के गड्ढों, ट्रैफिक जाम, आवारा पशुओं, बंदरों, अपराध और कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि जब भाजपा 30 साल में शहर की सफाई और विकास व्यवस्था दुरुस्त नहीं कर सकी तो अब जनता से वोट किस आधार पर मांग रही है।डोटासरा ने आरोप लगाया कि जयपुर नगर निगम और जेडीए में भ्रष्टाचार की स्थिति गंभीर है। उन्होंने सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, मास्टर प्लान और सफाई ठेकों को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए।
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सफाईकर्मी भर्ती को लेकर भी घेरा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सफाईकर्मियों की भर्ती को लेकर भाजपा सरकार पर ‘नौटंकी’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 24 हजार से अधिक सफाईकर्मियों की भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था, लेकिन भाजपा सरकार ने ढाई साल में भर्ती पूरी नहीं की। डोटासरा के मुताबिक, अगस्त में जारी भर्ती में ऐसी शर्तें लगा दी गईं कि करीब चार हजार आवेदन ही प्राप्त हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे साफ है कि सरकार वास्तव में भर्ती करना नहीं चाहती।
‘एक लाख प्लॉट और सात लाख PNG कनेक्शन की घोषणा का हिसाब दे BJP’
निकाय चुनाव से पहले भाजपा की घोषणाओं पर भी डोटासरा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा एक लाख प्लॉट देने और सात लाख पीएनजी कनेक्शन देने का वादा कर रही है, लेकिन विधानसभा चुनाव के समय किए गए वादों का क्या हुआ, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। डोटासरा ने दावा किया कि शहरों में पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के समय 2021-22 में ही शुरू हो गई थी। उन्होंने भाजपा पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कामों को अपनी उपलब्धि बताने का आरोप लगाया।
ग्रांट रोकने का आरोप, करोड़ों की राशि का हिसाब मांगा
डोटासरा ने निकायों को मिलने वाली वित्तीय सहायता को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि 15वें वित्त आयोग और अन्य मदों के तहत निकायों को मिलने वाली पूरी राशि जारी नहीं की गई।उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में 1818.47 करोड़ रुपये की राशि में से केवल 1225.06 करोड़ रुपये ही जारी किए गए। इसी तरह बेसिक ग्रांट के तहत 2171.72 करोड़ रुपये में से करीब 1085.86 करोड़ रुपये ही जारी किए गए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने न तो निकायों के चुनाव समय पर कराए, न पर्याप्त सफाई व्यवस्था की और न ही निकायों को विकास के लिए पूरी आर्थिक मदद दी।
‘मंत्री की शक्तियां सीज कर ब्यूरोक्रेसी को दे दी गईं’
डोटासरा ने सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश के स्वायत्त शासन मंत्री की शक्तियां सीमित कर दी गईं और महत्वपूर्ण अधिकार ब्यूरोक्रेसी को सौंप दिए गए। सीकर के मास्टर प्लान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि डेढ़ साल से मामला अटका हुआ है और विधानसभा में दिसंबर 2025 तक मास्टर प्लान जारी करने की घोषणा के बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया।
कांग्रेस उम्मीदवारों पर दबाव का भी लगाया आरोप
निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए डोटासरा ने देशनोक, मालपुरा, डीग, पाली, नाथद्वारा, भरतपुर और भीलवाड़ा का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को डराने-धमकाने और नामांकन वापस करवाने का दबाव बनाया गया। देशनोक के कांग्रेस उम्मीदवार ओमप्रकाश मूंदड़ा के खिलाफ एसीबी मामला दर्ज होने को भी उन्होंने राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए सवाल उठाए। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।
कांग्रेस ने खोला ‘स्थानीय सरकार’ का चुनावी पिटारा
भाजपा सरकार पर हमलावर होने के साथ ही डोटासरा ने निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस का रोडमैप भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर कांग्रेस पट्टा वितरण अभियान फिर शुरू करेगी, कच्ची बस्तियों का नियमन करेगी और यूडी टैक्स को जनहित में तर्कसंगत बनाएगी। कांग्रेस ने सफाईकर्मियों की भर्ती पूरी करने, हर साल जरूरत के अनुसार भर्ती निकालने, घर-घर कचरा संग्रहण नि:शुल्क करने, सीवरेज लाइन और एसटीपी विकसित करने, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने तथा मास्टर प्लान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने का वादा किया। इसके अलावा निकायों के कामकाज को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने का दावा भी किया गया है, ताकि नागरिक अपने आवेदन और विकास कार्यों की स्थिति ऑनलाइन देख सकें।
309 निकायों में स्थानीय मुद्दों पर घोषणा-पत्र
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की सभी 309 नगर निकायों के लिए स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखते हुए अलग-अलग घोषणा-पत्र जारी करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा के कथित ‘कुशासन’ और ‘भ्रष्टाचार’ को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाएगी।






