Home » राजस्थान » सरकार का बड़ा एक्शन: प्रमोशन, इंक्रीमेंट और भत्तों की होगी जांच, फिर जारी होगा जुलाई का वेतन

सरकार का बड़ा एक्शन: प्रमोशन, इंक्रीमेंट और भत्तों की होगी जांच, फिर जारी होगा जुलाई का वेतन

जयपुर। राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए जुलाई का महीना महत्वपूर्ण होने वाला है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को दिए जा रहे वेतन, पदोन्नति लाभ, वेतन वृद्धि, भत्तों और अन्य वित्तीय परिलाभों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। वित्त विभाग के निर्देश के बाद सभी विभागों में कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड और वेतन निर्धारण की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने और सब कुछ सही पाए जाने के बाद ही जुलाई माह का वेतन जारी किया जाएगा। सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि कर्मचारी संगठनों और सरकारी महकमों में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई कर्मचारी इसे नियमित सत्यापन प्रक्रिया बता रहे हैं, जबकि कुछ हलकों में इसे सरकारी खर्चों पर नियंत्रण और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

 

यह भी देखें: राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: अब सरकारी खरीद में पहला हक ‘मेड इन India’ का

 

अधिक वेतन भुगतान के मामलों ने बढ़ाई सरकार की चिंता

सूत्रों के अनुसार वित्त विभाग के पास लगातार ऐसे मामले पहुंच रहे थे जिनमें कर्मचारियों को नियमों से अधिक वेतन, अतिरिक्त भत्ते या गलत तरीके से वित्तीय लाभ दिए जाने की शिकायतें सामने आईं। कई विभागों ने वित्त विभाग से यह भी पूछा कि यदि किसी कर्मचारी को वर्षों तक अधिक भुगतान होता रहा है तो उसकी वसूली किस प्रकार की जाए। इन्हीं मामलों को देखते हुए वित्त विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी कर प्रत्येक कर्मचारी की सेवा और वेतन संबंधी फाइलों की विस्तृत जांच कराने को कहा है।

 

पदोन्नति से लेकर भत्तों तक होगी जांच

विभागीय निर्देशों के अनुसार कर्मचारियों को अब तक मिली पदोन्नतियां, चयनित वेतनमान, एडवांस कैरियर प्रमोशन, वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता, विशेष भत्ते और अन्य वित्तीय लाभों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी।इसके साथ ही संबंधित विभागों में कार्यरत वरिष्ठ लेखा अधिकारियों से प्रमाण पत्र लिया जाएगा कि कर्मचारी को दिया जा रहा वेतन पूरी तरह नियमों के अनुरूप है और उसमें किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है। इस प्रमाणन प्रक्रिया के बाद ही वेतन जारी किया जाएगा।

 

गलत भुगतान मिला तो अधिकारी भी नहीं बचेंगे

वित्त विभाग ने इस बार जिम्मेदारी तय करने के संकेत भी साफ कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि यदि जांच और प्रमाणन के बाद भी किसी कर्मचारी को गलत या अधिक वेतन भुगतान का मामला सामने आता है तो संबंधित जांच अधिकारी और प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे मामलों में अधिक भुगतान की राशि की वसूली के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। इससे विभागीय स्तर पर जवाबदेही और सतर्कता दोनों बढ़ने की संभावना है।

 

नौ साल बाद फिर क्यों शुरू हुई यह कवायद?

गौरतलब है कि वर्ष 2017 में भी राजस्थान सरकार ने इसी तरह का व्यापक वेतन सत्यापन अभियान चलाया था। उस समय सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद कर्मचारियों को हुए अतिरिक्त भुगतान की वसूली को लेकर कई कानूनी सवाल खड़े हुए थे। उस दौरान भी विभागों से कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की जांच कराकर लेखा अधिकारियों से प्रमाण पत्र लिए गए थे। लेकिन इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों में अनियमित भुगतान और गलत वेतन निर्धारण के मामले फिर सामने आने लगे, जिसके कारण वित्त विभाग को एक बार फिर राज्यव्यापी जांच शुरू करनी पड़ी।

 

यह भी देखें: 10 हजार करोड़ का मास्टर प्लान, क्या अब खत्म होगा दक्षिण राजस्थान का जल संकट?

 

राजनीतिक और प्रशासनिक मायने भी अहम

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के नेतृत्व वाली सरकार वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर लगातार सख्त रुख अपना रही है। सरकारी खर्चों की निगरानी, वित्तीय पारदर्शिता और अनियमितताओं पर रोक सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। विपक्ष इस मुद्दे को कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव के रूप में पेश कर सकता है, जबकि सरकार इसे राजकोषीय अनुशासन और जनता के पैसे की सुरक्षा से जोड़कर देख रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय भी बन सकता है।

 

लाखों कर्मचारियों की निगाहें जुलाई वेतन पर

प्रदेश के विभिन्न विभागों में जांच प्रक्रिया फिलहाल जारी है। ऐसे में लाखों सरकारी कर्मचारियों की नजरें अब जुलाई के वेतन पर टिकी हुई हैं। यदि किसी स्तर पर रिकॉर्ड या वेतन निर्धारण में त्रुटियां सामने आती हैं तो कई मामलों में भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। वित्त विभाग का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी धन के उपयोग में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के अनुसार ही वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

 

ऐसी ही खबरों के लिए देखें: DemocraticBharat.com

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x