कोलकाता। अशोक गहलोत ने कोलकाता से सियासी मंच सजाया और एक साथ दो निशाने साध दिए-एक तरफ ममता बनर्जी, तो दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी की सरकार। गहलोत ने राहुल गांधी के बयान को “हकीकत का आईना” बताते हुए कहा कि जिस बंगाल में कभी बीजेपी की कल्पना भी नहीं थी, वहां आज उसकी मौजूदगी खुद ममता सरकार की नीतियों और कथित भ्रष्टाचार की कहानी कह रही है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा-“बीजेपी आई नहीं, बुला ली गई।”
‘कट मनी’ पर सीधा वार
बंगाल मॉडल पर तंज कसते हुए गहलोत बोले—“यहां विकास की फाइल नहीं, कमीशन की फाइल पहले चलती है।” शारदा से लेकर कोयला घोटाले तक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार ने सिस्टम को अंदर से खोखला कर दिया है और जनता इसका खामियाजा भुगत रही है।
यह भी देखें: “30 महीने की देरी, अब परिसीमन का बहाना”, अलका लाम्बा का मोदी सरकार पर सीधा हमला
राजस्थान मॉडल का ‘प्रमोशन’ भी साथ-साथ
हमला ही नहीं, आत्मप्रशंसा भी—गहलोत ने कहा कि राजस्थान में उनकी सरकार का “फ्री हेल्थ मॉडल” आज भी चर्चा में है। 25 लाख तक मुफ्त इलाज, दवाइयां और जांच जैसी योजनाओं को उन्होंने देश के लिए “रेडीमेड ब्लूप्रिंट” बताया।
यह भी देखें: राजस्थान में ‘सिलेबस पर संग्राम’! डोटासरा बोले-“किताबें हटाना नहीं, इतिहास मिटाने की साजिश”
BJP पर ‘वॉशिंग मशीन’ कटाक्ष
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा—“बीजेपी के पास ऐसी वॉशिंग मशीन है जिसमें जाते ही दागी नेता साफ हो जाते हैं।” साथ ही ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ का आरोप दोहराते हुए बोले कि कई राज्यों में सरकारें गिराई गईं, लेकिन राजस्थान में “दाल नहीं गली।”
राजनीति का डबल अटैक

कुल मिलाकर, कोलकाता की इस प्रेस वार्ता में गहलोत ने एक तीर से दो शिकार करने की कोशिश की—बंगाल में ममता सरकार को घेरा और केंद्र में मोदी सरकार पर सवाल उठाए, साथ ही अपने ‘राजस्थान मॉडल’ को देशभर के लिए समाधान के तौर पर पेश कर दिया।
ऐसी ही खबरों के लिए देखें: Democraticbharat.com






