– राजस्थान में ईंधन संकट पर सियासी संग्राम, पूर्व सीएम ने केन्द्र और राज्य सरकार को घेरा
जयपुर। राजस्थान में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी संकट को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि जनता परेशान है, लेकिन बीजेपी के नेता “नाटक और दिखावे” में जुटे हुए हैं। गहलोत ने कहा कि विपक्ष और राहुल गांधी आखिर क्या मांग कर रहे हैं? सिर्फ इतना कि सरकार देशवासियों के सामने सच्चाई रखे। अगर अंतरराष्ट्रीय हालातों की वजह से ईंधन की कीमतें बढ़ाना मजबूरी है तो खुलकर बताइए। जनता सब समझती है, लेकिन सरकार सच छिपाकर भ्रम फैला रही है।
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“मोदी के आह्वान के बाद शुरू हुआ दिखावे का ड्रामा”
गहलोत ने सीधे तौर पर नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जनता से कुछ कदम उठाने की अपील की, लेकिन उसके बाद बीजेपी शासित राज्यों में मंत्रियों और नेताओं ने दिखावटी अभियान शुरू कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोई रिक्शा में घूम रहा है, कोई पैदल चल रहा है, कोई इलेक्ट्रिक वैन में फोटो खिंचवा रहा है, लेकिन इससे आम आदमी की परेशानी खत्म नहीं होने वाली। गहलोत ने कहा, “तमाशा करने से जनता के दिल में संदेश नहीं जाता। अगर सरकार खुद त्याग करती, सच्चाई बताती और ईमानदारी दिखाती, तब जनता भरोसा करती।”
“हर दिन बढ़ रहे दाम, जनता डर में जी रही”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लगातार पेट्रोल, डीजल और अब सीएनजी के दाम बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन सरकार कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रही। इससे लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
उन्होंने कहा कि जनता इस चिंता में है कि “कल क्या महंगा होगा” और इसी वजह से पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं। लेकिन सरकार हकीकत स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
“राजस्थान में ईंधन संकट गहराया, रास्ते में भरवाना पड़ रहा पेट्रोल”
गहलोत ने दावा किया कि राजस्थान के कई हिस्सों में हालात बेहद खराब हैं। उन्होंने कहा कि कोटा, जयपुर, जोधपुर और भरतपुर जैसे शहरों से आने-जाने वाले लोगों को रास्ते में कई बार रुककर पेट्रोल भरवाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप संचालक खुद लोगों को सीमित मात्रा में पेट्रोल दे रहे हैं और ग्रामीण इलाकों में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो चुकी है।
“एलपीजी के लिए 10-15 दिन इंतजार, गांव-गांव से शिकायतें”
गहलोत ने कहा कि सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई भी चरमरा गई है। गांवों से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि 10 से 15 दिन तक गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा। उन्होंने विशेष तौर पर लोहावट और ओसियां जैसे इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के लोग भारी परेशानी में हैं। गहलोत ने कहा कि एलपीजी एजेंसी संचालक खुद तनाव में हैं, क्योंकि जनता के सवालों का जवाब उनके पास भी नहीं है।
“मदन राठौड़ और बीजेपी नेताओं का काम सिर्फ झूठ बोलना”
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ और राज्य सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं का काम सिर्फ “झूठ बोलना, बार-बार असत्य बोलना और हर समस्या से इनकार करना” बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक स्थिति स्वीकार करने के बजाय उसे दबाने में लगी है, जिससे जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
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“केंद्र और राज्य दोनों जिम्मेदार”
गहलोत ने कहा कि अगर केंद्र सरकार समय रहते स्पष्ट संदेश देती और हालातों की सच्चाई जनता के सामने रखती, तो न पेट्रोल पंप मालिकों को गुस्से का सामना करना पड़ता और न ही एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स को जनता के आक्रोश से जूझना पड़ता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा हालात के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों पूरी तरह जिम्मेदार हैं।
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