– खेती में टेक्नोलॉजी का धमाका, कम जमीन में ज्यादा उत्पादन का नया फॉर्मूला
जयपुर। मौसम की मार, बढ़ती गर्मी, अनियमित बारिश और जलवायु परिवर्तन ने खेती को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे समय में राजस्थान के किसान अब पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक तकनीकों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। “संरक्षित खेती” यानी ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस तकनीक किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफे का नया रास्ता बनकर उभर रही है। ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस के जरिए किसान नियंत्रित वातावरण में सब्जियां, फूल और फलों की खेती कर बेहतर उत्पादन और बाजार में ऊंचे दाम हासिल कर रहे हैं। खास बात यह है कि अब किसान बेमौसमी फसलें उगाकर भी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
यह भी देखें: राजस्थान सरकार का बड़ा दांव! फसल बीमा में 1150 करोड़ जारी, 2.17 करोड़ किसानों को मिलेगा सुरक्षा कवच
कम पानी, ज्यादा उत्पादन और बेहतर कमाई
विशेषज्ञों के अनुसार संरक्षित खेती में तापमान, नमी और सूर्य की रोशनी को नियंत्रित किया जाता है, जिससे फसल को अनुकूल वातावरण मिलता है। इससे कीट और रोगों का खतरा कम होता है और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है। टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा, स्ट्रॉबेरी, गुलाब और जरबेरा जैसी फसलें ग्रीन हाउस में शानदार परिणाम दे रही हैं। कम पानी में अधिक उत्पादन होने से यह तकनीक जल संकट वाले क्षेत्रों के लिए भी बेहद उपयोगी मानी जा रही है।
सरकार दे रही लाखों का अनुदान

भजनलाल सरकार भी किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। योजना के तहत सामान्य वर्ग के किसानों को अधिकतम 2500 वर्गमीटर क्षेत्र के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति और लघु-सीमान्त किसानों को 70 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। सरकार का मानना है कि इससे युवा किसान आधुनिक तकनीक आधारित खेती की ओर आकर्षित होंगे और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
यह भी देखें: भुसावर-वैर में सौंफ की सुनामी, किसानों की हुई चांदी, सिस्टम की सुस्ती बनी परेशानी
आवेदन प्रक्रिया आसान, ऑनलाइन सुविधा भी

योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कृषि योग्य भूमि और सिंचाई का साधन होना जरूरी है। आवेदन के लिए भूस्वामित्व प्रमाण-पत्र, मिट्टी और पानी की जांच रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज जमा करने होते हैं। किसान अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र या राज किसान साथी पोर्टल पर जनआधार संख्या के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पात्र किसानों का चयन “पहले आओ-पहले पाओ” और लॉटरी प्रणाली के आधार पर किया जाता है।
खेती का भविष्य बदल रही आधुनिक तकनीक
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस जैसी तकनीकें खेती को अधिक लाभकारी और बाजार आधारित बनाएंगी। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित खेती अपनाते हैं तो कम जमीन में भी अधिक उत्पादन लेकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।
ऐसी ही खबरों के लिए देखें: DemocraticBharat.com






