Home » राजस्थान » चलती ट्रेन में थम रही थीं मासूम की सांसें…मां-बाप की आंखों में डर, रेलवे टीम ने बचाया नन्हा धर्मवीर

चलती ट्रेन में थम रही थीं मासूम की सांसें…मां-बाप की आंखों में डर, रेलवे टीम ने बचाया नन्हा धर्मवीर

– साईनगर शिर्डी-बीकानेर एक्सप्रेस में बालक को नेबुलाइजर से मिली नई सांस, कोटा मंडल की सतर्कता से मिला जीवन

 

कोटा। सफर के बीच अचानक जब 4 वर्षीय धर्मवीर सिंह की सांसें थमने लगीं, तो परिवार के लिए हर पल भारी हो गया। उज्जैन से जयपुर जा रही साईनगर शिर्डी–बीकानेर एक्सप्रेस (04716) के एस-5 कोच में बैठा यह मासूम सांस लेने में जूझ रहा था। परिजन घबराए हुए थे, तभी रेलवे की तत्परता उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। सूचना मिलते ही कोटा मंडल की रेलवे चिकित्सा टीम ने सवाई माधोपुर स्टेशन पर पहले से ही मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची, डॉ. रामराज मीणा के नेतृत्व में टीम तुरंत कोच तक पहुंची और बच्चे की हालत का जायजा लिया। परिवार ने यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई, ऐसे में डॉक्टरों ने प्लेटफॉर्म पर ही इलाज करने का फैसला लिया। कोच में बिजली की व्यवस्था अनुकूल नहीं थी, इसलिए नन्हे धर्मवीर को गोद में उठाकर प्लेटफॉर्म पर लाया गया। वहां नेबुलाइजर के जरिए तुरंत उपचार शुरू किया गया।

यह भी देखें: IPL टिकट के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड: राजस्थान पुलिस की चेतावनी-एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक खाता

सिर्फ 5 मिनट…और लौट आई मुस्कान

महज पांच मिनट के इलाज के बाद बच्चे की सांसें सामान्य होने लगीं। कुछ ही देर में धर्मवीर के चेहरे पर फिर से राहत दिखने लगी। घबराए परिजनों की आंखों में आंसुओं की जगह सुकून और कृतज्ञता थी। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि मुसीबत की घड़ी में अगर मदद समय पर मिल जाए, तो जिंदगी की डोर फिर से थाम ली जाती है। इस बार, एक मासूम की सांसों को थामे रखने का काम रेलवे की सजग टीम ने कर दिखाया।

रेलवे टीम बनी उम्मीद की मिसाल

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि समय पर सूचना और चिकित्सा टीम की त्वरित कार्रवाई से यह संभव हो पाया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत ट्रेन स्टाफ या हैल्पलाइन 139 पर संपर्क करें।

ऐसी ही खबरों के लिए देखें: DemocraticBharat.com

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x