– नीट-2025 पर सियासी विस्फोट, डोटासरा बोले-‘नेटवर्क के पीछे बड़े चेहरे’
जयपुर। नीट-2025 पेपर लीक मामले ने अब राजस्थान की राजनीति में विस्फोटक मोड़ ले लिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार और उसके नेताओं पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया है कि पेपर लीक मामले में आरोपी दिनेश और मांगीलाल बिंवाल से जुड़े सिर्फ पांच बच्चों का ही चयन नहीं हुआ, बल्कि आरोपी के करीबी नेता और जमवारामगढ़ क्षेत्र से BJP विधायक महेंद्र पाल के भतीजे का चयन भी हुआ है। डोटासरा ने इस पूरे मामले को “युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा विश्वासघात” बताते हुए कहा कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी दिनेश ने खुद “बड़े लोगों” के शामिल होने की बात कही थी। अब भाजपा विधायक के भतीजे के चयन का मामला सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने एक्स पर कहा कि यदि पेपर लीक नेटवर्क में राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है, तो यह केवल परीक्षा घोटाला नहीं बल्कि पूरे सिस्टम को प्रभावित करने वाला संगठित खेल है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लाखों मेहनती छात्रों के सपनों को कुचलकर प्रभावशाली लोगों के बच्चों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।
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“हर कड़ी की हो निष्पक्ष जांच”
डोटासरा ने मांग की कि पूरे नीट-2025 पेपर लीक मामले की निष्पक्ष, गहराई से और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक सामने आए तथ्यों से साफ है कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी जड़ें बड़े लोगों तक पहुंच सकती हैं।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को यह पता लगाना चाहिए-
– आरोपी दिनेश और मांगीलाल बिंवाल के संपर्क किन-किन लोगों से थे?
– चयनित अभ्यर्थियों और आरोपियों के बीच क्या संबंध थे?
– क्या राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया गया?
– और क्या पूरे नेटवर्क को बचाने की कोशिश की जा रही है?
BJP पर सीधा हमला
कांग्रेस ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि युवाओं को “पारदर्शिता और मेरिट” का सपना दिखाने वाली सरकार अब पेपर लीक जैसे मामलों पर घिरती नजर आ रही है। डोटासरा ने कहा कि यदि किसी भी भाजपा नेता या उसके परिवार का नाम इस नेटवर्क से जुड़ता है, तो सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और सच जनता के सामने लाना चाहिए। उन्होंने कहा, “देश के लाखों युवा दिन-रात मेहनत करके परीक्षा देते हैं, लेकिन अगर पेपर लीक और सेटिंग के जरिए चयन होगा तो यह पूरे शिक्षा तंत्र पर सबसे बड़ा हमला है।”
प्रदेश की राजनीति में मचा हड़कंप
डोटासरा के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी #NEETPaperLeak और भाजपा नेताओं से जुड़े आरोपों को लेकर बहस छिड़ गई है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NEET-2025 पेपर लीक केवल नकल माफिया तक सीमित था, या इसके तार राजनीतिक संरक्षण और प्रभावशाली लोगों तक भी जुड़े हुए हैं? इस पूरे मामले ने राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर में लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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