Home » टॉप स्टोरी » “जनगणना 2027 का महाआरंभ, 15 साल बाद डिजिटल क्रांति, मोबाइल से होगी देश की गिनती”

“जनगणना 2027 का महाआरंभ, 15 साल बाद डिजिटल क्रांति, मोबाइल से होगी देश की गिनती”

-देश का सबसे बड़ा डेटा मिशन शुरू! जनगणना 2027 में पहली बार डिजिटल एंट्री और जातीय गणना

 

जयपुर। देश की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया ‘जनगणना 2027’ का पहला चरण शुक्रवार से राजस्थान में शुरू हो रहा है। करीब 15 साल बाद होने जा रही यह जनगणना इस बार पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगी। बदलते तकनीकी दौर को देखते हुए जनगणना प्रक्रिया को इस तरह तैयार किया गया है कि यह आम नागरिकों के लिए आसान, सुरक्षित और समय बचाने वाली साबित हो। इस बार नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा दी गई है। इसके तहत लोग अपने स्मार्टफोन, लैपटॉप या डेस्कटॉप के जरिए घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मचारी (प्रगणक) घर पहुंचकर दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या संशोधन होगा तो प्रगणक उसे ठीक कर अंतिम रूप से जानकारी सबमिट करेगा।

 

जातिगत जनगणना भी होगी शामिल

जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जाति आधारित गणना को भी शामिल किया जाएगा। इसे सामाजिक और आर्थिक नीतियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

यह भी देखें: “7 हजार में कैसे जिए मजदूर?” मजदूर दिवस से पहले गहलोत का भजनलाल सरकार पर वार

 

PM मोदी ने की भागीदारी की अपील

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास, संसाधनों की योजना और भविष्य की नीतियों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

 

1 से 15 मई तक स्व-गणना, फिर घर-घर सर्वे

राजस्थान में पहले चरण के तहत 1 मई से 15 मई तक ऑनलाइन स्व-गणना की जाएगी। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग और मकान सूचीकरण का कार्य करेंगे।

 

33 सवालों का जवाब देना होगा अनिवार्य

ऑनलाइन पोर्टल पर नागरिकों को 33 अनिवार्य सवालों के जवाब देने होंगे। इनमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस, इंटरनेट, वाहन, मोबाइल, खाद्यान्न और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रश्न शामिल हैं।

 

यह भी देखें: बंगाल में वोटिंग हाई, सियासी पारा सुपरहाई! हिंसा और EVM आरोपों से मचा घमासान

 

साइबर फ्रॉड से रहें सावधान

जनगणना निदेशालय ने नागरिकों से अपील की है कि केवल आधिकारिक लिंक के माध्यम से ही पोर्टल डाउनलोड करें। किसी भी अनधिकृत लिंक या संदिग्ध संदेश पर भरोसा न करें। खास बात यह है कि प्रगणक कभी भी OTP नहीं मांगेगा। डेटा सत्यापन के समय केवल SSO ID नंबर ही लिया जाएगा।

 

किसी भी स्मार्टफोन से कर सकेंगे एक्सेस

जनगणना निदेशक Bishnu Charan Mallik ने बताया कि यह पोर्टल मोबाइल, लैपटॉप और डेस्कटॉप सभी प्लेटफॉर्म पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

यह भी देखें: राजस्थान में ‘सिलेबस पर संग्राम’! डोटासरा बोले-“किताबें हटाना नहीं, इतिहास मिटाने की साजिश”

 

टोल फ्री नंबर 1855 जारी

जनगणना 2027 से जुड़ी किसी भी जानकारी, सहायता या शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है, जहां नागरिकों को तुरंत समाधान मिलेगा।

 

डिजिटल भारत की ओर बड़ा कदम

जनगणना 2027 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस बार की जनगणना न केवल देश की जनसंख्या का नया रिकॉर्ड तैयार करेगी, बल्कि भविष्य की योजनाओं, संसाधनों के वितरण और सामाजिक विकास की नई तस्वीर भी तय करेगी।

 

ऐसी ही खबरों के लिए देखें: Democraticbharat.com

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x