-49 सिविल लाइंस से अशोक गहलोत का बड़ा बयान- “राजस्थान देश में सबसे कम मजदूरी वाले राज्यों में, सिलिकोसिस ने उजाड़े हजारों घर, सरकार संवेदनहीन”
जयपुर। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर 49 सिविल लाइंस स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। गहलोत ने मजदूरों, गिग वर्कर्स और सिलिकोसिस पीड़ितों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राजस्थान में श्रमिकों की हालत लगातार खराब होती जा रही है, जबकि सरकार इस गंभीर संकट पर मौन बैठी है। गहलोत ने कहा कि आज भी देशभर में मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल रही, लेकिन राजस्थान की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है जहां मजदूरी सबसे कम है। गहलोत ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मजदूरी बढ़ाने की मांग की है ताकि प्रदेश में श्रमिकों के बीच सामाजिक संतुलन और भाईचारा कायम रह सके। पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के दौरान बनाए गए गिग वर्कर्स कानून को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य था जिसने ऐसा कानून लागू किया। उन्होंने दावा किया कि इस कानून की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई, लेकिन सत्ता बदलने के बाद भाजपा सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। गहलोत ने कहा कि आज गिग वर्कर्स असुरक्षा और उपेक्षा के बीच जीवन गुजार रहे हैं, जबकि सरकार ने उनके हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
सिलिकोसिस को बनाया बड़ा राजनीतिक मुद्दा
सिलिकोसिस बीमारी पर गहलोत ने कहा कि खनन क्षेत्रों में हालात बेहद भयावह हैं। उन्होंने माइनिंग मालिकों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी मजदूरों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। गहलोत ने कहा कि यह बीमारी हजारों परिवारों को बर्बाद कर चुकी है और कई गांव ‘विधवाओं के गांव’ बन चुके हैं। भरतपुर और सिकंदरा के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि सामाजिक त्रासदी है। गहलोत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार ने सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए मुआवजा पैकेज दिए थे, लेकिन आज जरूरत मुआवजे से ज्यादा बीमारी रोकने की है। उन्होंने संकेत दिए कि कांग्रेस इस मुद्दे को प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप दे सकती है।
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जातिगत जनगणना और एग्जिट पोल पर भी साधा निशाना
जातिगत जनगणना पर गहलोत ने कहा कि 4 तारीख के चुनाव परिणाम आने के बाद सरकार के रुख पर स्थिति साफ होगी। वहीं एग्जिट पोल को लेकर उन्होंने कहा कि जनता अब इन पर भरोसा नहीं करती क्योंकि ये कई बार गलत साबित हो चुके हैं। मजदूर दिवस के मौके पर गहलोत के इन बयानों ने साफ कर दिया कि कांग्रेस आने वाले समय में मजदूर, गिग वर्कर्स, सिलिकोसिस और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाने जा रही है।
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