-142 सीटों पर 3.21 करोड़ मतदाताओं ने किया मतदान, भवानीपुर बनी हाई-प्रोफाइल सीट, फलता में ईवीएम विवाद से सियासत गरमाई
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान बुधवार को भारी उत्साह और आंशिक तनाव के बीच संपन्न हो गया। राज्य की 142 सीटों पर हुए मतदान में शाम 5 बजे तक लगभग 90 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जिससे नए रिकॉर्ड बनने के संकेत मिल रहे हैं। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं और मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इस चरण में 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हुई, जबकि 3.21 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1.64 करोड़ पुरुष, 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल रहे। कोलकाता समेत नदिया, पूर्व बर्धमान, हुगली, उत्तर व दक्षिण 24 परगना और हावड़ा जिलों में मतदान हुआ। चुनाव आयोग ने 41,001 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियों के साथ राज्य पुलिस की तैनाती रही। हालांकि, कई जगहों से हिंसा, झड़प और ईवीएम में खराबी की खबरें भी सामने आईं। कुछ इलाकों में स्थिति नियंत्रित करने के लिए सीआरपीएफ को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पूर्व बर्धमान में मतदान केंद्र के पास बम मिलने से हड़कंप मच गया, जबकि भांगर, चापड़ा और हुगली में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की घटनाएं हुईं।
भवानीपुर पर टिकी नजरें
इस चरण की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर रही, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है। इसे 2021 के नंदीग्राम जैसी हाई-वोल्टेज सीट माना जा रहा है।
जिलावार मतदान में पूर्व बर्धमान आगे

पूर्व बर्धमान 92.46% मतदान के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद हुगली (90.34%), नदिया (90.28%), उत्तर 24 परगना (89.74%), दक्षिण 24 परगना (89.57%) और हावड़ा (89.44%) रहे। कोलकाता में अपेक्षाकृत कम मतदान दर्ज हुआ—उत्तर कोलकाता में 87.77% और दक्षिण कोलकाता में 86.11%।
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फलता में ईवीएम विवाद से बढ़ा सियासी तापमान
मतदान के बीच डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के फलता में ईवीएम से कथित छेड़छाड़ के आरोपों ने सियासत को गरमा दिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि कुछ बूथों पर उनके चुनाव चिन्ह के सामने वाले बटन पर टेप चिपकाकर वोटिंग प्रभावित करने की कोशिश की गई। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने तस्वीरें साझा कर इसे “डायमंड हार्बर मॉडल” बताया और पुनर्मतदान की मांग की। इस मामले को लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की। भाजपा ने तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान पर आरोप लगाए, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इन्हें पूरी तरह निराधार बताया। चुनाव आयोग ने घटना पर रिपोर्ट तलब कर जांच शुरू कर दी है।
सियासी बयानबाजी तेज
मतदान के दौरान आरोप-प्रत्यारोप भी चरम पर रहे। ममता बनर्जी ने दो-तिहाई बहुमत के साथ वापसी का दावा किया, वहीं भाजपा ने चुनाव में धांधली और हिंसा के आरोप लगाए। कांग्रेस ने भी निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई। नतीजों का इंतजार उच्च मतदान और कड़ी राजनीतिक टक्कर के बाद अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि पश्चिम बंगाल में अगली सरकार किसकी बनेगी।






