– मसालों की महक से चमका भुसावर-वैर, रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन से बढ़ी बेहतर भाव की उम्मीदें
भुसावर। उपखंड वैर और भुसावर क्षेत्र इन दिनों सौंफ की बंपर पैदावार को लेकर सुर्खियों में है। खेतों में लहलहाती फसल इस बार पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने की ओर बढ़ रही है। अच्छी पैदावार के साथ बाजार में मिल रहे बेहतर दामों ने किसानों और व्यापारियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। यह क्षेत्र लंबे समय से बागवानी और मसाला उत्पादन के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। यहां सौंफ के साथ-साथ धनिया, मिर्च, मैथी और हल्दी सहित एक दर्जन से अधिक मसालों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। मसाला उत्पादन के साथ भुसावर में अचार-मुरब्बा उद्योग भी तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। आपको बता दें कि सौंफ से महक रहे वैर-भुसावर अब केवल खेती ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग और निर्यात के जरिए नई आर्थिक ऊंचाइयों की ओर बढ़ने को तैयार है।
राजघरानों तक पहुंचा स्वाद
भुसावर-वैर के मसालों और अचार-मुरब्बों की खुशबू का इतिहास भी खासा समृद्ध रहा है। बुजुर्ग किसानों के अनुसार, भरतपुर, आगरा, ग्वालियर और उदयपुर के राजघरानों में यहां के मसालों की खास मांग रहती थी। आज भी इस क्षेत्र का उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों तक निर्यात किया जा रहा है।
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फूड प्रोसेसिंग यूनिट की दरकार
समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता और पूर्व डेयरी चेयरमैन फतेह सिंह फेंटा का कहना है कि उत्पादन अधिक होने के बावजूद किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि नदबई तहसील के खटोटी गांव में प्रस्तावित यूनिट और भुसावर में स्वीकृत नई यूनिट की प्रक्रिया अभी लंबित है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और स्थानीय विधायक को पत्र भेजकर जल्द कार्रवाई की मांग की गई है। यूनिट शुरू होने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
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इन गांवों में लहलहा रही फसल
भुसावर, वैर, इटामदा, बौराज, भागवानपुर, दीवली, नाथू का नगला, सैधली, कंचनपुरा, दयापरा, बरौली, मंसापुरा, बिजवारी, रायपुर, छौंकरवाड़ा कला, मालौनी समराया, झारोठी, अलीपुर, पथैना,
हिंगोठा, आमोली और सलेमपुर कलां समेत दर्जनों गांवों में सौंफ की बड़े पैमाने पर खेती हो रही है।
बढ़ रहा खेती का दायरा
सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों के चलते भरतपुर संभाग में बागवानी और मसाला खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है। किसानों को प्रशिक्षण और कृषि भ्रमण के जरिए उन्नत खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। -डॉ. उदय सिंह, पूर्व डीन, कृषि कॉलेज भुसावर






