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सांगानेर में रोटेशनल प्लान का फर्जीवाड़ा; 758 की आड़ में 134 अवैध फैक्ट्रियां भी चालू, डायरेक्टर की फैक्ट्री भी शामिल

– सांगानेर में CETP रोटेशनल प्लान की आड़ में प्रदूषण बोर्ड के आदेशों की धज्जियां, बोर्ड की मंशा पर SEPD मैनेजमेंट ने फेरा पानी

 

जयपुर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RPCB) के सख्त निर्देशों और पर्यावरण सुरक्षा के दावों को ठेंगा दिखाते हुए सांगानेर की कपड़ा रंगाई-छपाई इंडस्ट्री में बड़ा खेल सामने आया है। प्रदूषण बोर्ड ने सांगानेर की रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों को बंदी के संकट से बचाने और पर्यावरण को जहरीले पानी से सुरक्षित रखने के लिए ‘रोटेशनल बंदी प्लान’ लागू करने के निर्देश दिए थे। नियम स्पष्ट था- यह रोटेशनल प्लान केवल और केवल उन्हीं फैक्ट्रियों के लिए था, जो CETP (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) से जुड़ी हुई हैं। लेकिन SEPD/SPV मैनेजमेंट ने बोर्ड के आदेशों को धता बताते हुए मनमाने ढंग से नियमों की व्याख्या कर डाली और बिना CETP कनेक्शन वाली 134 अवैध फैक्ट्रियों को भी रोटेशनल बंदी की आड़ में चलाने की हरी झंडी दे दी।

 

 

यह भी देखें: SEPD डायरेक्टर का अजीब तर्क, अफसरों की चुप्पी: सांगानेर में रोटेशनल बंदी का ‘आधा-अधूरा’ प्लान तैयार, 134 फैक्ट्रियों के भविष्य पर गहराया संकट

 

 

नियमों की धज्जियां, डायरेक्टर की खुद की फैक्ट्री भी शामिल

CETP डायरेक्टर प्रवीण शाह की गंवार ब्राह्मणान स्थित रंगाई-छपाई फैक्ट्री के पीछे भरा हुआ कैमिकल वाला जहरीला पानी।
CETP डायरेक्टर प्रवीण शाह की गंवार ब्राह्मणान स्थित रंगाई-छपाई फैक्ट्री के पीछे भरा हुआ कैमिकल वाला जहरीला पानी।

वर्तमान में सांगानेर में कुल 758 फैक्ट्रियां ही CETP प्लांट से जुड़ी हुई हैं। कानूनन रोटेशनल बंदी का लाभ केवल इन 758 इकाइयों को मिलना चाहिए था। लेकिन SEPD मैनेजमेंट ने गंवार ब्राह्मणान क्षेत्र की 134 ऐसी फैक्ट्रियों को भी इस प्लान में शामिल कर दिया, जो अब तक CETP से जुड़ी ही नहीं हैं। खास बात यह है कि इन 134 फैक्ट्रियों में SEPD के डायरेक्टर प्रवीण शाह की अपनी फैक्ट्री भी शामिल है। साफ है कि SEPD डायरेक्टर ने अपने निजी हितों और चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्पष्ट निर्देशों को दरकिनार कर दिया।

 

गलियों और खेतों में बह रहा जहरीला पानी, जनता हलकान

 

सांगानेर में रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले पानी को साफ करने के लिए बनाया गया CETP प्लांट के सामने ही कैमिकल वाला पानी बह रहा है।
सांगानेर में रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले पानी को साफ करने के लिए बनाया गया CETP प्लांट के सामने ही कैमिकल वाला पानी बह रहा है।

बिना ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी इन 134 फैक्ट्रियों के धड़ल्ले से संचालन के कारण केमिकल युक्त जहरीला पानी अब बेरोकटोक कॉलोनियों, आम रास्तों और खेतों में बह रहा है। इससे न केवल स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है, बल्कि भूजल और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्रदूषण बोर्ड की जिस मंशा से रोटेशनल प्लान बनाया गया था, उस पर SEPD मैनेजमेंट के इस कारनामे ने पूरी तरह पानी फेर दिया है।

 

 

यह भी देखें: सांगानेर CETP प्लांट के कैमिकल पानी से व्यापारी को 5 लाख का नुकसान, SEPD डायरेक्टर बोले- चिट्ठी में नाले का पानी लिखो वरना नहीं निकालेंगे

 

 

 

“बोर्ड के आदेश सिर्फ CETP से जुड़ी फैक्ट्रियों के लिए, बिना कनेक्शन चल रही इकाइयों पर होगी कार्रवाई”

“हमने SEPD मैनेजमेंट को रोटेशनल बंदी प्लान केवल CETP प्लांट से जुड़ी फैक्ट्रियों के लिए ही बनाने के निर्देश दिए थे। इसमें गंवार ब्राह्मणान की वे 134 फैक्ट्रियां बिल्कुल शामिल नहीं हैं, जो अभी CETP से जुड़ी हुई नहीं हैं। यदि ऐसी कोई फैक्ट्री बिना कनेक्शन संचालित हो रही है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
– अमित शर्मा, अतिरिक्त मुख्य पर्यावरण अभियंता, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

 

जब SEPD डायरेक्टर से पूछे गए सवाल…

जब इस पूरे घालमेल को लेकर SEPD के डायरेक्टर प्रवीण शाह से सवाल-जवाब किए गए, तो उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों को नकारते हुए खुद को और कंपनी के कायदों को ऊपर बताने की कोशिश की।

सवाल: क्या रोटेशनल बंदी प्लान CETP प्लांट से जुड़ी हुई फैक्ट्रियों के लिए ही है?

प्रवीण शाह: हां, रोटेशनल बंदी प्लान CETP प्लांट से जुड़ी हुई फैक्ट्रियों के लिए ही है।

सवाल: तो क्या गंवार ब्राह्मणान की 134 फैक्ट्रियां भी इस रोटेशनल बंदी प्लान में शामिल हैं?

प्रवीण शाह: हां, क्योंकि ये सभी फैक्ट्रियां SEPD से जुड़ी हुई हैं।

सवाल: क्या गंवार ब्राह्मणान की ये 134 फैक्ट्रियां वर्तमान में CETP प्लांट से जुड़ी हुई हैं?

प्रवीण शाह: नहीं, लेकिन ये सभी SEPD के सदस्य हैं।

सवाल: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तो यह प्लान इसलिए बनाया था, ताकि केमिकल वाला पानी खुले में न बहे और पर्यावरण सुरक्षित रहे?

प्रवीण शाह: राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोई निर्देश नहीं दिए हैं। उनके हिसाब से नियम नहीं हैं, SEPD एक कंपनी है और इसलिए सारे नियम-कायदे कंपनी के ही लागू होते हैं। CETP से जुड़ने के बाद भी फैक्ट्रियों का पानी तो फिर भी बाहर ही जा रहा है। जो SEPD के सदस्य नहीं हैं, उनका भी पानी जा ही रहा है, लेकिन पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। जो व्यक्ति काम कर रहा है, बोर्ड सिर्फ उसकी टांग खिंचाई कर रहा है और सारे नियम उसी पर थोप रहा है। सांगानेर में केमिकल पानी की समस्या का समाधान एक-दो दिन में तो होगा नहीं, हम काम कर रहे हैं और जल्द ही इन 134 फैक्ट्रियों को भी जोड़ देंगे।

ऐसी ही खबरों के लिए देखें:  DemocraticBharat.com

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