-सांगानेर कपड़ा रंगाई-छपाई एसोसिएशन के अध्यक्ष देवीशंकर खत्री और महासचिव राजेन्द्र जिंदगर के प्रयास हुए सफल
जयपुर। विश्व प्रसिद्ध सांगानेरी प्रिंट और कपड़ा उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय ने सांगानेर के कपड़ा उद्योग के सुदृढ़ीकरण और विकास के लिए 18.75 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि जारी करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसे सांगानेर के पारंपरिक कपड़ा व्यवसाय, रंगा-छपाई उद्योग और स्थानीय कारोबारियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगात माना जा रहा है। सांगानेर को मिली इस बड़ी वित्तीय मदद के पीछे राज्य सरकार का निरंतर प्रयास और प्रशासनिक इच्छाशक्ति रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राजस्थान की अफसरशाही ने दिल्ली दरबार में सांगानेर का पक्ष मजबूती से रखा।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन और अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) अर्पणा अरोड़ा ने केंद्र सरकार के कपड़ा मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय बनाकर इस फाइल को हरी झंडी दिलवाई। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के लगातार फॉलो-अप के चलते बजट की यह भारी राशि सांगानेर के खाते में स्वीकृत हो सकी। सांगानेर के कपड़ा बाजार और व्यापारिक हलकों में इस घोषणा के बाद से ही जश्न का माहौल है और कारोबारियों ने इसे क्षेत्र के स्वर्णिम युग की शुरुआत बताया है।
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एसोसिएशन की मुस्तैदी: रंग लाई देवीशंकर खत्री और राजेन्द्र जिंदगर की मेहनत
केंद्र से मिली इस बड़ी कामयाबी में सांगानेर कपड़ा रंगाई-छपाई एसोसिएशन का संघर्ष और लगातार की गई पैरवी निर्णायक साबित हुई। एसोसिएशन के अध्यक्ष देवीशंकर खत्री और महासचिव राजेन्द्र जिंदगर ने स्थानीय उद्योगपतियों की समस्याओं और संभावनाओं का खाका सरकार के सामने मजबूती से पेश किया था। राशि जारी होने की घोषणा के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष देवीशंकर खत्री और महासचिव राजेन्द्र जिंदगर ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन और ACS अर्पणा अरोड़ा का सांगानेर की जनता और व्यापारियों की ओर से सहृदय आभार व्यक्त किया।
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“यह 18.75 करोड़ रुपए की स्वीकृति सांगानेर के कपड़ा उद्योग के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। यह ऐतिहासिक घोषणा इस पूरे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।” – राजेन्द्र जिंदगर, महासचिव, सांगानेर कपड़ा रंगाई-छपाई एसोसिएशन
सांगानेर के विकास को मिलेंगे नए पंख
इस 18.75 करोड़ रुपए के फंड का सीधा असर सांगानेर के कपड़ा और छपाई कारोबार पर दिखाई देगा:
इन्फ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प: रंगाई-छपाई इकाइयों के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
पर्यावरण व अपशिष्ट प्रबंधन: कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) और ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
रोजगार व निर्यात को बढ़ावा: आधुनिक तकनीकों के समावेश से स्थानीय कारीगरों को नया रोजगार मिलेगा और विश्व स्तर पर सांगानेरी प्रिंट्स का निर्यात तेजी से बढ़ेगा।






