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राजस्थान की खेती में AI क्रांति, अब मोबाइल बताएगा फसल की बीमारी, चैटबॉट देगा किसानों को तुरंत समाधान

जयपुर। राजस्थान में खेती अब पारंपरिक तरीकों से निकलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में प्रवेश कर चुकी है। किसानों की आय बढ़ाने, फसल नुकसान कम करने और कृषि व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए राजस्थान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को कृषि विभाग और देश के प्रतिष्ठित संस्थान वाधवानी एआई फाउंडेशन के बीच एक महत्वपूर्ण गैर-वित्तीय समझौता (एमओयू) हुआ, जो प्रदेश की खेती की तस्वीर बदलने वाला माना जा रहा है।

यह भी देखें: राजस्थान के किसानों की बदलेगी किस्मत, ग्रीन हाउस खेती से होगी तगड़ी कमाई

95 लाख किसानों की बनी डिजिटल पहचान

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि राजस्थान “एग्री-स्टैक” योजना के तहत देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। राज्य में अब तक करीब 95 लाख किसानों की डिजिटल “फार्मर आईडी” बनाई जा चुकी है। इस आईडी में किसान की जमीन, खसरा नंबर और आधार जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज होगी। इससे फसल बीमा, उर्वरक वितरण और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता आएगी तथा फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।

AI बनेगा किसानों का नया साथी

सरकार और वाधवानी एआई फाउंडेशन की साझेदारी के तहत अगले तीन वर्षों तक किसानों के लिए आधुनिक एआई तकनीक विकसित की जाएगी। खास बात यह है कि यह पूरा सहयोग राज्य सरकार को मुफ्त तकनीकी साझेदार के रूप में मिलेगा। इस पहल के जरिए खेतों में कीट और बीमारियों की पहचान से लेकर मंडी में फसल की गुणवत्ता जांच तक, कई काम अब मोबाइल और एआई के जरिए आसान हो जाएंगे।

खेती बदलने वाले 4 बड़े AI टूल

एग्रीवाणी चैटबॉट: यह बहुभाषी एआई चैटबॉट किसानों से उनकी अपनी भाषा में बात करेगा। किसान वॉइस या टेक्स्ट के जरिए सवाल पूछ सकेंगे और तुरंत तकनीकी सलाह प्राप्त कर सकेंगे।

क्रोपस: बीमारी और कीटों की पहचान: इस एआई सिस्टम के जरिए किसान फसल की फोटो खींचकर तुरंत पता लगा सकेंगे कि फसल में कौन-सी बीमारी या कीट लगा है। साथ ही उपचार की सलाह भी मिलेगी।

सोयाबीन ग्रेन एनालाइजर: अब किसान मंडी जाने से पहले ही मोबाइल ऐप से अपनी सोयाबीन की गुणवत्ता, ग्रेडिंग और प्रोटीन स्तर जांच सकेंगे, जिससे उन्हें फसल का सही दाम मिलेगा।

एग्री एआई मॉनिटरिंग सिस्टम: यह तकनीक किसानों की गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेगी और कृषि से जुड़ी खबरों व समस्याओं की निगरानी में प्रशासन की मदद करेगी।

 

खेती का भविष्य होगा हाईटेक

 

विशेषज्ञों का मानना है कि एआई आधारित यह पहल राजस्थान के कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे किसानों को समय पर सलाह, बेहतर उत्पादन, कम नुकसान और बाजार में उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में एआई तकनीक किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगी और राजस्थान को आधुनिक कृषि मॉडल के रूप में नई पहचान दिलाएगी।

ऐसी ही खबरों के लिए देखें: DemocraticBharat.com

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