-15 दिन की जांच में सामने आईं खामियां, स्वास्थ्य विभाग सख्त; अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को निर्देश
जयपुर। आमजन के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने बड़ी कार्रवाई की है। 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच परीक्षण में मानक गुणवत्ता (NSQ) में फेल पाई गई 7 दवाओं के वितरण और बिक्री पर रोक लगा दी गई है। आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि नियमित जांच के दौरान ये दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इसके बाद औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित बैच का स्टॉक तुरंत बाजार से हटाया जाए। वरना औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
एंटीबायोटिक, खांसी सिरप से लेकर स्टेरॉयड दवाएं फेल
जांच में फेल दवाओं में एंटीबायोटिक, खांसी की दवा, स्टेरॉयड और अन्य जरूरी दवाएं शामिल हैं। कई दवाएं Assay (सक्रिय तत्व की मात्रा) और Dissolution (घुलनशीलता) टेस्ट के मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इन दवाओं को लेना मरीजों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसमें Cefixime, Albendazole, Ambroxol कॉम्बिनेशन, Methylprednisolone, Dextromethorphan, Cefuroxime और Ciprofloxacin जैसी दवाएं शामिल हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें और किसी भी संदिग्ध दवा की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
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अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को अलर्ट
औषधि नियंत्रक ने सभी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और दवा विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि इन दवाओं का उपयोग और बिक्री तुरंत बंद करें। साथ ही संबंधित कंपनियों के अन्य बैचों की भी जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि कोई भी बड़े हादसे को होने से रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
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