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एफिल टॉवर के सामने गूंजा योग का मंत्र, पेरिस में दिखी भारत की सांस्कृतिक ताकत

पेरिस, फ्रांस। विश्वभर में मनाए जा रहे 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रतिष्ठित एफिल टॉवर के निकट एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्व के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में शुमार एफिल टॉवर की मनमोहक पृष्ठभूमि में आयोजित इस कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति और योग की वैश्विक स्वीकार्यता को एक बार फिर प्रदर्शित किया। सादगीपूर्ण लेकिन प्रेरणादायक वातावरण में आयोजित इस आयोजन में स्थानीय नागरिकों, भारतीय समुदाय के सदस्यों तथा विभिन्न देशों के योग प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में भले ही बड़ी संख्या में लोग उपस्थित नहीं थे, लेकिन योग के प्रति प्रतिभागियों की प्रतिबद्धता और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। हरे-भरे मैदान में खुले आसमान के नीचे प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। एफिल टॉवर की भव्यता के बीच किया गया यह योग सत्र न केवल आकर्षक नजर आया, बल्कि योग के सार्वभौमिक संदेश—स्वास्थ्य, संतुलन और शांति—को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता दिखा।

 

दुनिया ने मानी योग की ताकत

जयपुर निवासी शिवशंकर शर्मा योग की मुद्राओं को करते हुए।

पेरिस में रह रहे जयपुर निवासी शिवशंकर शर्मा ने बताया कि योग दिवस के इस आयोजन में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि योग अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दुनिया भर के लोग इसे स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानने लगे हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने पूरे मनोयोग से योगाभ्यास किया।

 

‘योग अब वैश्विक जीवनशैली का हिस्सा’

इस कार्यक्रम का आयोजन ग्लोबल इंडियन ऑर्गेनाइजेशन, स्थानीय योग समूहों और पेरिस स्थित भारतीय समुदाय के संयुक्त सहयोग से किया गया। आयोजन में योग प्रशिक्षक पूनम मालपानी ने प्रतिभागियों को विभिन्न सरल योग क्रियाओं और प्राणायाम तकनीकों का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को तनावमुक्त जीवन जीने, मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

 

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भारतीय समुदाय और स्थानीय संगठनों की अहम भूमिका

कार्यक्रम के दौरान कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़, बढ़ते तनाव और व्यस्त दिनचर्या के बीच योग एक प्रभावी समाधान बनकर उभरा है। उनका मानना है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक ऐसी जीवनशैली है जो व्यक्ति को भीतर से मजबूत और संतुलित बनाती है।

 

दुनिया को जोड़ती भारत की प्राचीन योग परंपरा

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा आज वैश्विक स्तर पर लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के बाद से योग की लोकप्रियता में लगातार वृद्धि हुई है और दुनिया के लगभग सभी प्रमुख देशों में इसे व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है।

 

योग: केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला

एफिल टॉवर जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थल पर आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक पहचान और बढ़ते प्रभाव का प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान और शांति प्रार्थना के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने आंतरिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक संतुलन का अनुभव किया। योग दिवस के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि विश्व शांति, सद्भाव और मानव कल्याण का भी सशक्त मार्ग है।

 

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