– सब्सिडी वाली यूरिया पर डाका! कृषि विभाग की रेड में मुहाना से बड़ी खेप पकड़ी
जयपुर। कृषि विभाग ने सांगानेर के मुहाना मंडी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाली यूरिया की बड़ी खेप बरामद की है। कृषि विभाग की टीम ने मुहाना गांव के हवालों की ढाणी में छापा मारकर दिनेश शर्मा के पास से सब्सिडी वाले यूरिया के 1104 कट्टे जब्त किए हैं। इस यूरिया को मुहाना की ग्राम सेवा सहकारी समिति को सौंप दिया गया है। इस सब्सिडी वाली यूरिया का इस्तेमाल औद्योगिक गतिविधियों में किया जा रहा था। इससे डीजल वाहनों में इस्तेमाल होने वाला डीजल एग्जॉस्ट फ्लूड (डीईएफ) बनाया जा रहा था। आपको बता दें कि सब्सिडी वाली यूरिया का इस्तेमाल सिर्फ कृषि कार्यों में ही किया जा सकता है।
1154 भरे और 821 खाली बैग बरामद

कृषि विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने रेड मारी। टीम ने कपूरावाला स्थित एबीआई पेट्रोसाइन कंपनी से भी 50 यूरिया बैग जब्त किए। इन्हें कपूरावाला स्थित ग्राम सेवा सहकारी समिति को दे दिया। वहीं HURL कंपनी के कुल 1154 भरे हुए यूरिया कट्टे और 821 खाली बैग भी बरामद किए।
यह भी देखें: मेथी मतलब ‘कसूरी मेथी’, 90% लोगों को नहीं पता होगा सही जवाब
सब्सिडी के बाद 266.50 रुपए में किसानों को मिलता है एक यूरिया बैग

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि जब्त किए गए प्रत्येक यूरिया कट्टे की कीमत 2189.50 रुपए है। इसमें 1923 रुपए की सरकारी सब्सडी शामिल है। किसानों को यह यूरिया सिर्फ 266.50 रुपए में दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह मामला यूरिया डाइवर्जन का है। सब्सिडी वाली यूरिया का औद्योगिक उपयोग प्रतिबंधित है और उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 25 के तहत यह दंडनीय अपराध है। उद्योगों में उपयोग के लिए केवल बिना अनुदान वाला तकनीकी ग्रेड यूरिया ही इस्तेमाल किया जा सकता है।
यह भी देखें: ओस से हो परेशान, इन उपायों से अब तुलसी का पौधा नहीं होगा बेजान
कलर पेंट, प्लाईवुड और पशु आहार फैक्ट्रियों पर भी होगी रेड
कृषि मंत्री ने चेतावनी दी कि सब्सिडी यूरिया के डीईएफ, कलर पेंट, प्लाईवुड और पशु आहार फैक्ट्रियों में दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य स्तर पर जल्द ही सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।
ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहे: Democraticbharat.com






