Cyber alert/Captcha alert: जयपुर। “घर पर बैठकर अब पैसा कमाना हुआ आसान” क्या फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अचानक से आ जाने लुभावने ऑफरों को देखकर अक्सर उन लिंक्स को खोलने की गलती कहीं आप तो नहीं कर रहे। अगर हां तो सतर्क हो जाइए इससे पहले की आपको कमाई करने का चस्का महंगा न पड़ जाए। जयपुर साइबर क्राइम डीजी पुलिस ने चौंकाना वाला खुलासा किया है। थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट की मानें तो झांसेदारों ने लोगों की जेब खाली करने का ‘कैप्चा’ नाम का नया पैंतरा ढूंढ निकाला है।
आखिर कैप्चा क्या है और कैसे काम करता है

घर बैठे आसान कमाई का सपना देखने वालों के लिए कैप्चा किसी थ्रेट से कम नहीं है। इसके लिए ठगों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाकर लुभावने ऑफर चलाए जाते हैं। जिनमें यह दावा किया जाता है कि आपको स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड को टाइप करना है और बदले में आप घर बैठे ही हजारों रुपए कमा सकते हैं। इन ठगों का नेटवर्क और काम करने का तरीका इतना शातिर है कि एक बार कोड टाइप हुआ और आपका बैंक अकाउंट का सारा पैसा सेकेंड्स में ट्रांसफर हो जाता है।
बेरोजगार और घरेलू महिलाएं बनते हैं शिकार
ऑफर्स इस कदर लुभावने होते हैं कि इनके झांसे में आसानी से फंसने वालों में बेरोजगार और घरेलू महिलाएं न चाहते हुए भी खिंचे चले आते हैं। और हो भी क्यों न, ‘बस एक कोड और आपके अकाउंट में हजारों रुपए हर महीने’, ऐसे में कोई भी व्यक्ति इनके झांसे में आ जाता है।
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रजिस्ट्रेशन के जरिए फीस की वसूली
जब भी कोई व्यक्ति इनके झांसे में आता है, उसे एक फर्जी जॉब एग्रीमेंट दिखाया जाता है ताकि सब कुछ असली लगे। इसके बाद शुरू होता है वसूली का खेल। कभी सॉफ्टवेयर चार्ज, कभी ट्रेनिंग फीस तो कभी सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर पीड़ित से हजारों रुपये जमा करवा लिए जाते हैं। सब सच लगे इसके लिए ठग बाकायदा फर्जी आईडी और फर्जी दफ्तर के पते तक शेयर करते हैं।
इम्पॉसिबल टार्गेट और पेमेंट का फ्रॉड

उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम विकास शर्मा ने बताया कि बपैसे लेने के बाद पीड़ित को एक पोर्टल का एक्सेस दिया जाता है। यहाँ उन्हें बेहद कम समय में हजारों कैप्चा भरने का टास्क दिया जाता है। जब पीड़ित पेमेंट मांगता है, तो ठग उसकी मेहनत में गलतियों का बहाना बनाते हैं। आखिर में कमाई निकालने के लिए फिर से प्रोसेसिंग चार्ज या टैक्स के नाम पर और पैसों की डिमांड की जाती है। पैसे मिलते ही ठग अपना फोन बंद कर रफू चक्कर हो जाते हैं।
साइबर पुलिस ने जारी की गाइडलाइंस
राजस्थान साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
★ एडवांस पेमेंट न दें: कोई भी नामी कंपनी काम देने के लिए पैसा डिमांड नहीं करती।
★ शक की निगाह रखें: जब भी लगे कि काम बहुत सरल है और पैसा जरूरत से ज्यादा मिल रहा है, तो वह शत-प्रतिशत फ्रॉड है।
★ समीक्षा करें: किसी भी प्लेटफॉर्म पर जुड़ने से पहले उसकी ऑनलाइन रेटिंग और फोरम पर चर्चा जरूर पढ़ें।
यहाँ दर्ज कराएं अपनी शिकायत
यदि आप इस ठगी का शिकार हुए हैं, तो घबराएं नहीं। तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या 9256001930 / 9257510100 पर संपर्क करें। आप अपनी शिकायत www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज करा सकते हैं।
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