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पेरिस के विजय द्वार पर भारतीयों और फ्रांस प्रशासन ने पुलवामा शहीदों को किया याद

-भारतीय समुदाय, फ्रांस प्रशासन और युवाओं ने मौन रखकर दी शहीदों को श्रद्धांजलि, भारत के प्रति दिखाई निष्ठा

 

पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में रह रहे भारतीय समुदाय ने पुलवाम आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। भारतीय समुदाय ने India in France Global Association के बैनर तले फ्रांसीसी प्रशासन के साथ मिलकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों, समुदाय के सदस्यों और युवाओं ने मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम के जरिए भारतीय समुदाय ने संदेश दिया कि वे कहीं भी रहें, लेकिन वे हमेशा राष्ट्र के साथ खड़े रहेंगे। इस आयोजन के जरिए भारतीय समुदाय ने आतंकियों को एकजुटता का भी संदेश दिया।

पेरिस के विजय द्वार पर पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि देते फ्रांसीसी अफसर।
पेरिस के विजय द्वार पर पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि देते फ्रांसीसी अफसर।

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भारतीयों ने आतंक के खिलाफ दिखाई एकजुटता

पेरिस के विजय द्वार पर भारतीय समुदाय के साथ फ्रांसीसी प्रशासन ने भी पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि।
पेरिस के विजय द्वार पर भारतीय समुदाय के साथ फ्रांसीसी प्रशासन ने भी पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि।

मूल रूप से जयपुर और अभी पेरिस निवासी शिवशंकर शर्मा ने बताया कि पेरिस में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह क्षण बहुत भावुक और गौरव का था। उन्होंने कहा “सभी भारतीयों ने देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर गर्व का अनुभव किया। यह केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि आतंकवाद खिलाफ भारतीयों की एकजुटता और मानवता के पक्ष में प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।”

विजय द्वार पर आयोजित होने से खास बन गया कार्यक्रम

पेरिस का विश्वविख्यात आर्क डी ट्रायम्फ (विजय द्वार)।
पेरिस का विश्वविख्यात आर्क डी ट्रायम्फ (विजय द्वार)।

यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम पेरिस की विश्वविख्यात धरोहर Arc de Triomphe आर्क डी ट्रायम्फ (विजय द्वार) पर पुलवामा आंतकी हमले की बरसी के दिन आयोजित किया गया। पेरिस का विजय द्वार फ्रांस की राष्ट्रीय पहचान है। इसे वर्ष 1806 में नेपोलियन ने बनवाया था। 50 मीटर ऊंचा यह स्मारक शैम्प्स-एलिसीस के पश्चिमी छोर पर है। युद्ध में फ्रांस के लिए लड़ने और जान गंवाने वाले वीर शहीदों के सम्मान में बनवाया गया था। इसके अंदर और बाहरी हिस्से पर फ्रांस की विजय और जनरलों के नाम भी लिखे हुए हैं। इसके गुम्बद के नीचे प्रथम विश्व युद्ध के अज्ञात सैनिक की समाधि भी है। यहां पर अनवरत ज्योति प्रज्जवलित रहती है, जो शहीदों की याद दिलाती है।

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