ऐसे दौर में जब स्टडी और वर्कप्रेशर के चलते लोग अपनी जिंदगी सुकून से जीने पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। ऐसे में कुछ अपवाद ऐसे हैं जो ऐसे वक्त में भी अच्छी पेरेंटिंग का बेहतरीन नमूना पेश करते हैं।
कभी-कभी जिंदगी का हमें इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर देना कि हमें लगने लगे शायद हम जिंदगी में कुछ कर ही नहीं पाएंगे। रही-सही कसर छोटी सी उम्र में उम्मीद और जिम्मेदारियों के बोझ ने ले ली है, जो धीरे-धीरे हमें तोड़ने लगती है। हाल ही में हुआ वाक्या सोशल मीडिया पर इस कदर ट्रेंड हो रहा है, जो बयान करता है कि आज के दौर में अच्छी पेरेंटिंग क्यों जरूरी है? मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक बेटी ने अपने दिल की बातें अपने पिता से सांझा की तो पिता की सलाह सोशल मीडिया का टॉप ट्रेंडिंग टॉक बन गया।
मेडिकल की पढ़ाई दुनिया के सबसे कठिन कोर्सेज में से एक मानी जाती है। ढेरों किताबें, एग्जाम का प्रेशर और भविष्य की चिंता… अक्सर बच्चे इस बस तले दब जाते हैं। लेकिन अगर सर पर पिता का साथ हाथ हो, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान हो जाती है। एक ऐसा ही वीडियो इन दोनों सोशल मीडिया पर छाया है, जिसमें रात के 2 बजे एक पिता ने अपनी रोती हुई बेटी को जिस तरह समझाया, वह हर उस मां-बाप को सुनना चाहिए जिनके बच्चे स्ट्रेस या डिप्रेशन से जूझ रहे हैं।
रात के 2 बजे आखिर ऐसा क्या हुआ?

वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक लड़की, जो मेडिकल की स्टूडेंट है, रात के 2 बजे अपने पिता को फोन करती है। वह पढ़ाई के प्रेशर से इतना स्ट्रेस थी कि उसकी आंखों में आंसू हैं। आम तौर पर ऐसे समय पर माता-पिता और मेहनत करो…, थोड़ा ब्रेक लो… जैसी बातें बोलकर मनोबल बढ़ाते हैं। लेकिन इस पिता ने जो कहा उसने सबका दिल जीत लिया।
बेटा, ‘अभी मैं जिंदा हूं’
पिता ने बेटी को शांत करते हुए कहा- बेटा, ऐसा नहीं है कि डॉक्टर बनेंगे तो ही सब कुछ होगा। दुनिया में बहुत अच्छी-अच्छी नौकरियां हैं। तेरी उम्र अभी बहुत ज्यादा नहीं हुई है, प्रेशर बिल्कुल मत लेना। अगर पढ़ाई से बोर हो रही है, तो छोड़ दो। अभी मैं इतना भी बूढ़ा नहीं हुआ हूं कि तुझ पर घर का बोझ लाद दूं। घर में कमाने वाला मैं हूं, तुझे पैसों की चिंता करने की जरूरत नहीं। मैं खूब कमा लूंगा, तू बस खुश रह। पिता की ये बातें सुनकर न सिर्फ बेटी, बल्कि वीडियो देखने वाले लाखों लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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पिता रक्षक काहू को डरना

यह वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म पर पोस्ट होने के बाद से हॉट टॉपिक बन गया। इस पोस्ट पर लोग न केवल जमकर प्यार बरसा रहे हैं बल्कि अपने कमेंट्स के जरिए एक अच्छी पेरेंटिंग कैसी होनी चाहिए इसका बखान भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- दुनिया साथ दे या न दे, अगर बाप सर पर हाथ रख दे, तो बच्चा किसी भी जंग को जीत सकता है। दूसरे ने कहा- यह सिर्फ पिता नहीं, एक असली हीरो हैं। काश हर बच्चे को ऐसा सपोर्ट सिस्टम मिले। इसी तरह अन्य यूजर ने भी कहा- इसलिए पापा, पापा होते हैं!
एक उम्मीद: फॉलो पैशन विदाउट डिप्रेशन
यह वीडियो सिर्फ एक भावुक पल नहीं है, बल्कि एक केस स्टडी है। आज जब हम कोटा जैसे अन्य शहरों से स्टूडेंट की सुसाइड को लेकर खबरें सुनते हैं, ऐसे समय में यह पिता एक मिसाल बनकर उभरे हैं। यह एक सीख है उन सभी के लिए जो बच्चों की मेंटल हेल्थ से ज्यादा जरूरी उनके माकर्स को मानते हैं। अगर हर माता-पिता अपने बच्चों से कहें कि ‘चाहे रिजल्ट जो भी हो, हम तुम्हारे साथ हैं’, ऐसे मैं शायद ही कोई बच्चा गलत कदम उठाएगा।
खुशी के मायने सफलता से कोसों परे हैं, अच्छी पेरेंटिंग को उजागर करता यह वीडियो बहुत बड़ी सीख दे गया। अगर आप भी एक पेरेंट हैं और आपका बच्चा एग्जाम प्रेशर में है, तो आज ही उसे गले लगाकर कहिए- जब कोई बात बिगड़ जाए, कोई मुश्किल पड़ जाए, हम देंगे साथ तेरा।






