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विधानसभा में ‘8 लाख करोड़ घोटाले’ पर हंगामा, स्वास्थ्य माफिया पर MLA का बड़ा वार

-अस्पताल उन्नयन से नाम बदलने तक विधानसभा में उठे कई बड़े मुद्दे

 

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में बुधवार को आय-व्ययक अनुदान मांग संख्या-27 (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग) पर कटौती प्रस्ताव के दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने पूर्ववर्ती सरकार के आठ लाख करोड़ के घोटाले को लेकर निशाना साधा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय कथित माफियाओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मरीज को वेंटिलेटर पर रखकर परिवार से वसूली करना घोर अपराध है। ऐसे लोग किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि माफिया मानसिकता से जुड़े हैं। इन पर कठोर नियंत्रण आवश्यक है। विधायक शर्मा ने कहा कि राजस्थान विधानसभा सदैव अन्याय के खिलाफ एकजुट रही है और माफियाओं के विरुद्ध भी सभी दलों को एक साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि निजी अस्पतालों एवं दलाल तंत्र पर सख्त निगरानी रखी जाए। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

 

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग

– चर्चा के दौरान विधायक गोपाल शर्मा ने सिविल लाइंस क्षेत्र में कहा कि सुभाष नगर स्थित श्वसन रोग संस्थान (टीबी सेनेटोरियम) के उन्नयन हेतु प्रस्तावित 45.18 करोड़ रुपए के कार्यों को गति प्रदान की जाए।
– कांवटिया अस्पताल को तीन विधानसभा क्षेत्रों का संगम बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका समुचित विकास “मानवता का विकास” होगा। इसमें — सुपर स्पेशलिटी, हार्ट केयर स्पेशलिटी सेंटर की स्थापना, पूर्व घोषित ट्रॉमा सेंटर के शीघ्र क्रियान्वयन की मांग दोहराई।
– स्वेज फार्म स्थित यूपीएचसी को सीएचसी में क्रमोन्नत करने तथा मातृ-शिशु सुविधा केंद्र (एमसीएच विंग) खोलने की मांग करते हुए विधायक ने कहा कि इससे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी और महिलाओं को प्रसूति सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
– उन्होंने आग्रह किया कि यदि स्वेज फार्म क्षेत्र में जमीन आवंटित कर दी जाए तो जनसहयोग से 100 बेड का अस्पताल शुरू किया जा सकता है। इसके लिए भामाशाह भी तैयार हैं।

 

यह भी देखें: ‘साबित कर दो, इस्तीफा दे दूंगा’, गौमाता मुद्दे पर विधानसभा में तीखी तकरार

 

अस्पतालों के नाम बदलने की उठाई मांग

शर्मा ने यह भी मांग रखी कि आरयूएचएस का नाम पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस किया जाए। साथ ही गणगौरी अस्पताल का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रखा जाए। उन्होंने जनाना अस्पताल के माता यशोदा अस्पताल नामकरण में हुई देरी पर भी ध्यान आकृष्ट किया।

 

माफिया-मुक्त रामराज्य की अवधारणा

विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए राज्य आय व्ययक अनुमान को “फ्यूचरिस्टिक, फोकस्ड, फुलफिलिंग” बजट बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को माफिया-मुक्त, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बनीपार्क क्षेत्र में आकस्मिक घटनाओं के दौरान कांवटिया अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल कार्यों में सक्रिय रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि सेवा ही संगठन का मूल मंत्र है। शर्मा ने रामराज्य की अवधारणा को लेकर गोस्वामी तुलसीदास का उल्लेख करते हुए कहा— “दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज नहिं काहुहि ब्यापा।।” उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा तंत्र खड़ा करना है जहां किसी भी नागरिक को दैहिक, दैविक या भौतिक कष्ट का सामना न करना पड़े।

 

ऐसी ही खबरों के लिए देखें: Democraticbharat.com

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