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जॉर्जिया से MBBS की, भारत में प्रैक्टिस करने के लिए बनवा लिया FMGE का फर्जी सर्टिफिकेट, तीन डॉक्टर गिरफ्तार

– एसओजी ने मेडिकल सिस्टम में फर्जीवाड़ा पकड़ा, करौली और दौसा मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप का खुलासा

 

जयपुर। एसओजी ने मेडिकल सिस्टम में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। एसओजी ने फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने के आरोप में तीन डॉक्टर्स को गिरफ्तार किया है। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि इन तीनों ने जॉर्जिया से एमबीबीएस की डिग्री ली थी। लेकिन, भारत में प्रैक्टिस करने के लिए फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (एफएमजीई) टेस्ट पास करना जरूरी होता है। यह टेस्ट जब इन तीनों से पास नहीं हुआ तो इन्होंने फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट बनवाकर सरकारी कॉलेजों में इंटर्नशिप भी करने लग गए।

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ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का पर्दाफाश

एसओजी को सूचना मिली थी कि दौसा निवासी डॉ.पीयूष कुमार त्रिवेदी ने एफएमजीई परीक्षा में बार-बार असफल होने के बाद एक आपराधिक गिरोह की मदद से फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट तैयार करवा लिया। इसी फर्जी प्रमाणपत्र के दम पर उसने एनएमसी से इंटर्नशिप की अनुमति प्राप्त की। इतना ही नहीं उसे करौली के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप के लिए आवंटन भी मिल गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसओजी ने प्रकरण दर्ज कर गहन जांच शुरू की।

₹16 लाख में सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन

जांच में सामने आया कि आरोपी डॉ.पीयूष ने जॉर्जिया से एमबीबीएस की डिग्री ली थी, लेकिन भारत में प्रैक्टिस करने के लिए एफएमजीई परीक्षा में वह वर्ष 2022, 2023 और 2024 में लगातार तीन बार असफल रहा। बार-बार फेल होने पर उसने अपने परिचित डॉ. देवेन्द्र सिंह गुर्जर से संपर्क किया। देवेन्द्र ने अपने साथी डॉ. शुभम गुर्जर एवं अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर पीयूष को ₹16 लाख के बदले फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट और एनएमसी रजिस्ट्रेशन दिलवा दिया। एसओजी की जांच में यह भी सामने आया कि यह गोरखधंधा केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था। डॉ. शुभम गुर्जर ने खुद भी फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट के आधार पर अलवर के राजीव गांधी अस्पताल और डॉ. देवेन्द्र सिंह गुर्जर ने भी इसी गिरोह के जरिए नकली प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इसके बाद दौसा के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप पूरी की।

एसओजी के निशाने पर नेटवर्क का सरगना

गिरफ्तार तीनों आरोपियों डॉ.पीयूष,डॉ. शुभम और डॉ. देवेन्द्र को न्यायालय में पेश कर एसओजी रिमांड पर ले रही है। एसओजी अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक जाने की तैयारी में है। एसओजी अब फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट तैयार करने वाले मुख्य नेटवर्क,इसमें शामिल बिचौलियों और फर्जी डिग्री के आधार पर इंटर्नशिप कर चुके अन्य डॉक्टर्स की पहचान कर रही है। एसओजी का कहना है कि आमजन की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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