– केन्द्र सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में सीएम भजनलाल के राजस्व संतुलन प्रयासों की तारीफ की
जयपुर। केन्द्र सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण की मानें तो राजस्थान का ना केवल राजस्व घाटा बल्कि महंगाई भी कम हुई है। सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2023-24 में राजस्थान का राजस्व घाटा 38 हजार 954 करोड़ तक पहुंच गया था। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमानों में यह घटकर 31 हजार 939 करोड़ रह गया है। वहीं वर्ष 2025-26 के बजट के आय व्ययक अनुमान में इसके 31 हजार 9 करोड़ रुपए रहने की संभावना जताई गई है। आपको बता दें कि आर्थिक सर्वेक्षण में राज्य की भजनलाल सरकार के राजस्व संतुलन बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को अहम बताया गया है।
मुद्रा स्फीति घटकर हुई 4.34 फीसदी
ताजा आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2023-24 में राजस्थान में मुद्रा स्फीति 6.39 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 4.34 प्रतिशत पर आ गई। वर्ष 2025-26 (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान राजस्थान में खुदरा मुद्रा स्फीति 0.81 प्रतिशत रही, जो प्रभावी आपूर्ति प्रबंधन, लक्षित हस्तक्षेप और प्रशासनिक समन्वय को दर्शाती है। केन्द्र सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में राजस्थान के आर्थिक प्रबंधन, सामाजिक स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचारों, बेस्ट प्रैक्टिसेज और प्रशासनिक सुधारों को मुख्य रूप से रेखांकित किया गया है।
यह भी देखें: डोटासरा ने ली चुटकी, मार्च में पंचायतीराज चुनाव कराने की केन्द्र से आ गई पर्ची
बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में शामिल हुआ कैश प्लस मॉडल
बाल एवं मातृ कुपोषण से निपटने के लिए प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर और बारां जिलों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के लाभ हस्तांतरण को एकीकृत कर लागू किए राजस्थान के कैश प्लस मॉडल को आर्थिक सर्वेक्षण में विशेष रूप से बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में सराहा गया है। पहले बड़ी संख्या में लाभार्थियों द्वारा धन का उपयोग पोषण के स्थान पर अन्य कार्यों के लिए किया जा रहा था। इसमें बदलाव लाने के लिए दोनों नकद अंतरण योजनाओं को एकीकृत करने के साथ ही खान-पान की पुरानी आदतों और बच्चों के पोषण के बारे में व्यवहार परिवर्तन लाने पर फोकस किया गया। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर पोषण पर सलाह देने के लिए प्रशिक्षित किया गया। एएनएम ने गर्भावस्था के दौरान देखभाल पर व्यक्तिगत परामर्श दिया। आशा कार्यकर्ताओं ने गांवों में बैठकों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से चर्चा को बढ़ावा दिया। साथ ही डिजिटल माध्यमों से ‘बाहुबली’ अभियान चलाया गया, जिसमें पुरुषों को जिम्मेदार और सहयोगी पारिवारिक सदस्य के रूप में दिखाया गया। इसके परिणाम बहुत सकारात्मक रहे और 2022 की तुलना में 2025 तक पोषण के लिए नकद राशि का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ। लाभ अंतरण की राशि से भोजन पर नकद खर्च करने वाली महिलाओं का अनुपात 30 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गया। गर्भावस्था के दौरान 35 प्रतिशत अधिक महिलाओं का वजन 6 किलोग्राम से अधिक बढ़ा और 49 प्रतिशत अधिक महिलाओं की आहार विविधता में सुधार हुआ। साथ ही, 6 महीने से अधिक उम्र के बच्चों को अधिक विविध आहार प्रदान किया जाने लगा।
करियर एजुकेशन प्रोग्राम की सराहना
आर्थिक सर्वेक्षण में राजस्थान के कम्प्रिहेंसिव करियर एजुकेशन प्रोग्राम की भी सराहना की गई है। इससे कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन और कौशल-आधारित सीख मिल रही है, जो रोजगार-उन्मुख शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण के लिए राजस्थान में संस्थागत रूप में गांवों के साझा प्राकृतिक संसाधनों की मैपिंग, दस्तावेजीकरण और संरक्षण को भी उदाहरण रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसी प्रकार, भवन योजना अनुमोदन के लिए राजस्थान में लागू किए गए थर्ड-पार्टी निरीक्षण जैसे सुधारों को भी बेस्ट प्रैक्टिसेज में शामिल किया गया है।
ऐसी ही खबरों के लिए देखेंः DemocraticBharat.com






