– OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने यह बता कर सबको चौंका दिया कि अपने बच्चे को पालने के लिए वे चैटजीपीटी से हेल्प लेते हैं। एआई चैटबॉक्स के काम से वे इस कदर खुश हैं कि हाल ही में एक शो के दौरान कहा, अगर चैटजीपीटी न होता तो वे बच्चे पालने की कल्पना भी नहीं कर सकते।
क्या बच्चे पालना भी मुश्किलों भरा हो सकता है और वो भी तब जब आप दुनिया के अमीर लोगों में शुमार हों। बिल्कुल नहीं आप भी ऐसा ही सोच रहे होंगे। लेकिन OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते। सैम ऑल्टमैन किसी पहचान के मोहताज नहीं है। ऐसे में उनका यह मानना कि चैटजीपीटी के बिना वे बच्चे पालने के बारे में सोच भी नहीं सकते थे, सभी को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजूबर कर देता है। सैम ऑल्टमैन हाल ही में जिमी फॉलन के शो “द टुनाइट शो” में आए थे। उन्होंने बताया कि न जाने कितनी बार माता-पिता के रूप में सलाह लेने के लिए उन्होंने AI चैटबॉक्स से हेल्प ली। अगर चैटजीपीटी न होता वे सोच भी नहीं सकते थे एक छोटे बच्चे को पालने में उन्हें क्या-क्या सहना पड़ता, इस बात सोचते ही वे डर जाते हैं।
चैटजीपीटी ने बदल दी दुनिया

चैटजीपीटी को मुश्किल सवालों के सॉल्यूशन के लिए बनाया गया है। ऐसे में जब सैम ऑल्टमैन चैटजीपीटी पर अपने बच्चे से जुड़े आसान सवालों का जवाब पूछ रहे हैं तो उन्हें यह बात बुरी लगती है। इस बात का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि चैटजीपीटी से उन्होंने अक्सर बे-सर पैर के सवालों को पूछा जैसे- मेरा बच्चा पिज्जा जमीन पर गिराकर क्यों हंसता है? हालांकि, वे चैटजीपीटी से मिलने वाले जबाव से काफी हद तक इंम्प्रेस थे। यही वजह है कि वे चैटजीपीटी को अपने लिए इतना कीमती मानते हैं, मानो अंधे के हाथ बटेर।
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नो टेंशन, चैटजीपीटी हर जवाब करता है मेंशन

ऑल्टमैन ने शो के दौरान एक पार्टी का किस्सा भी सुनाया। जहां उन्हें एक माता-पिता ने बताया कि उनका छह महीने का बच्चा क्रॉल कर रहा है। यह सुनकर ऑल्टमैन परेशान हो गए कि उनके बेटे को कोई परेशानी तो नहीं है, जो वह ऐसा नहीं कर पा रहा। फिर क्या था, उन्होंने तुरंत चैटजीपीटी से यह सवाल पूछ डाला कि क्या उन्हें नेक्स्ट मॉर्निंग में डॉक्टर के पास जाना चाहिए? क्या ऐसा करना ठीक है? चैटबॉक्स ने जवाब देते हुए उन्हें समझाया कि उनके बच्चे का ग्रोथ एकदम ठीक है, इस बारे में वे ज्यादा टेंशन न लें।
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देता है अपनों सी सलाह
जब भी वे कहीं अटक जाते हैं तो फौरन चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करने से उन्हें एक तसल्ली मिलती है मानों कोई अपना हो जो उनकी हर परेशानी में उनके साथ खड़ा हो। बेटे की क्रॉलिंग वाले किस्से के दौरान चैटजीपीटी ने उन्हें इस बात को लेकर बच्चे पर जोर न डालने की सलाह दी थी। वे AI की इसी खासियत के दीवाने हैं कि यह आपको व्यक्तिगत सलाह देता है।
एआई जैसा कोई नहीं

टेक्नोलॉजी जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे लोगों जीवन भी आसान हो गया है। जब से वे माता-पिता बनने के बाद से उनका टेक्नोलॉजी को देखने का नजरिया बदल गया है। टेक्नोलॉजी का ऐसा गजब का इस्तेमाल हो सकता है मानों वह आपके परिवार का कोई मेंबर हो, जो आपको सही समय पर सही सलाह देता है। उन्होंने एक पॉडकास्ट में कहा था कि मेरा बच्चा कभी भी AI से ज्यादा होशियार नहीं होगा। भविष्य के बच्चे केवल AI की दुनिया में ही बड़े होंगे।
“कोड रेड” मिशन पर है कंपनी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले ही ऑल्टमैन ने कंपनी में “कोड रेड” जारी किया था। उन्होंने कर्मचारियों से चैटजीपीटी पर ध्यान देने और अपग्रेड करते रहने के लिए कहा था, क्योंकि गूगल जैसी कंपनियां एआई टेक्नोलॉजी में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।






