– अलवर सीईओ ऑफिस के बाहर कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठी BJP प्रधान, कार्यकर्ताओं ने मंगवा लिए बिस्तर
अलवर। अलवर जिले के कठूमर में भाजपा के दो नेता आमने-सामने हो गए हैं। कठूमर से BJP प्रधान संगम चौधरी ने कठूमर से ही BJP विधायक रमेश खींची पर बड़ा आरोप लगाया है। BJP प्रधान का आरोप है कि BJP विधायक सरपंच मित्रों के दबाव के चलते उन्हें प्रधान का पद ग्रहण नहीं करने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वे पद ग्रहण कर लेंगी तो कई सरपंचों की फाइलें खोलेंगी, जो विभिन्न मामलों में दोषी हैं। पद भार ग्रहण नहीं करने देने से आहत BJP प्रधान संगम चौधरी 500 कार्यकर्ताओं के साथ अलवर जिला परिषद के बाहर अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ धरने पर बैठी हुई हैं। धरने पर बैठी प्रधान संगम चौधरी जिला परिषद सीईओ को बुलाने की मांग कर रही हैं। बताया जा रहा है कि धरने पर बैठे लोगों ने अपने-अपने गांव से बिस्तर मंगाना शुरू कर दिया है। इससे लगता है कि इस बार BJP प्रधान अपनी ही पार्टी के विधायक रमेश खींची से आर-पार का मुकाबला चाहती हैं।
भ्रष्ट सरपंच मित्रों को बचाने में लगे हैं BJP MLA: चौधरी

BJP प्रधान संगम चौधरी ने BJP MLA रमेश खींची पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक पहले कांग्रेस में थे। तभी से उनके बीच कहासुनी चल रही है। उसी का बदला लेने के लिए विधायक उन्हें पद संभालने से रोक रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं की भी अनदेखी कर रहे हैं। संगम चौधरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें पद ग्रहण नहीं करने दिया तो वे कई भ्रष्ट सरपंचों की फाइलें भी खोलेंगी, जो तथाकथित विधायक के खास हैं।
यह भी देखें : जयपुर में 43 हजार मिलावटी घी पकड़ा, एक पते पर चल रही थीं दो फर्म
BJP प्रधान का आरोप-वीडीओ बीमारी का बहाना बनाकर चला गया
संगम चौधरी ने जिला परिषद के सीईओ पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि निलंबन के बाद कोर्ट से उनकी बहाली के आदेश आने के बाद भी सीईओ पद ग्रहण नहीं करवा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने कोर्ट से सीईओ को नोटिस भिजवाए, तब जाकर उन्होंने आदेश किए। लेकिन, कठूमर में जिस वीडीओ के पास चार्ज था, वह बीमारी का बहाना बनाकर चला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे वीडीओ के पास गईं, तो उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया, मौखिक आदेश हैं कि संगम चौधरी को पद संभालने नहीं दिया जाए। इतना ही नहीं अतिरिक्त वीडीओ योगेश भी बीमार बताकर चला गया। कठूमर से BJP प्रधान संगम चौधरी ने मांग की है कि दोनों अधिकारियों की मेडिकल जांच करानी चाहिए।
यह है पूरा मामला
पंचायती राज विभाग के उप शासन सचिव (द्वितीय) इंद्रजीत सिंह ने 27 फरवरी 2025 को कठूमर प्रधान संगम चौधरी को अरुवा पंचायत का सरपंच रहते हुए पद का दुरुपयोग करने का दोषी मानते हुए निलंबित करने के आदेश जारी किए थे। उस समय संगम चौधरी ने अरुवा सरपंच रहते किसी को गलत तरीके से जमीन का पट्टा जारी किया था। लेकिन कुछ समय बाद वह कठूमर की प्रधान बन गई। प्रधान बनने के बाद जब जांच की गई तो सरपंच रहते समय अवैध रूप से पट्टा जारी करने के मामले में उन्हें दोषी माना गया और निलंबन की कार्रवाई की गई।
इसके बाद 22 अगस्त 2025 को कोर्ट की तरफ से बहाली के आदेश आ गए थे, लेकिन जिला परिषद के सीईओ ने पद संभालने का आदेश रोक रखा था। इसके बाद न्यायालय से नोटिस दिलवाया, तब जाकर 22 जनवरी 2026 को सीईओ ने पद ग्रहण करने के आदेश जारी कर दिए थे। प्रधान जब कठूमर पहुंची तो वीडिओ वहां से बीमारी का बहाना लगा कर चला गया और उसने कहा कि अधिकारियों ने मुझे मौखिक रूप से आदेश दिए हैं कि पद नहीं दिया जाए।






