SIR पर सियासी संग्राम: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के अनुमान से 6 लाख ज्यादा नाम गायब
जयपुर। राजस्थान में जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू हुआ था, तब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनाव आयोग पर 25 लाख मतदाताओं के नाम काटने का आरोप लगाया था। अब आयोग ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल की फाइनल लिस्ट जारी कर दी। इसमें राजस्थान में 31.36 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। यानी डोटासरा ने जो आकलन लगाया था, उससे 6.36 लाख वोटर्स के ज्यादा नाम कटे हैं। वहीं एमपी में 34.25 लाख, छत्तीसगढ़ में 24.99 लाख और केरल में 8.97 लाख लोगों के नाम कटे। इसके बाद अब राजस्थान में 5.15 करोड़, मप्र में 5.39 करोड़, केरल में 2.69 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 1.87 करोड़ वोटर्स के नाम फाइनल वोटर लिस्ट में हैं। अब तक कुल 7 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों की फाइनल लिस्ट आ चुकी है। लक्षद्वीप, पुडुचेरी की अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी और गुजरात की 17 फरवरी को जारी हुई थी।
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2 लाख 42 हजार से अधिक मतदाता हुए बाहर, 10.48 लाख बढ़े
राजस्थान में शनिवार को विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का प्रकाशन कर दिया गया। मतदाता पुनरीक्षण के समय 5,46,56,215 वोटर थे। अब गहन
पुनरीक्षण सत्यापन, दावे-आपत्तियों और संशोधन प्रक्रिया के बाद प्रकाशित अंतिम सूची में राजस्थान में करीब 5 करोड़ 15 लाख से अधिक मतदाता शामिल हैं। अंता विधानसभा की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 12 मार्च को किया जाएगा। प्रदेशभर में यह अभियान पिछले वर्ष 27 अक्टूबर से 21 फरवरी तक चरणबद्ध तरीके से चलाया गया था। निर्वाचन विभाग के कर्मचारियों और साथ ही एसआईआर के सहयोगी कर्मचारियों ने इसे समय पर पूरा किया। परिणामस्वरूप राज्यभर में 10.48 लाख नए मतदाता जुड़े। मतदाताओं की सुविधा के लिए सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान और भारत निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर उपलध कराई गई है। इस प्रकार अब नागरिक घर बैठे अपना नाम खोज सकते हैं और आवश्यक संशोधन भी कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह अभियान 27 अक्टूबर से 21 फरवरी तक क्रमानुसार चलाया गया। इसकी प्रारंभिक सूची में 5,46,56,215 मतदाता थे, लेकिन गहन सत्यापन, दावे-आपत्तियों और संशोधन प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची में कुल 5,15,19,2 मतदाता दर्ज किए गए। इसके पहले प्रारूप प्रकाशन के बाद राज्यभर में 12,91,365 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि 2,42,760 नाम हटाए गए। इस प्रकार अंतिम सूची में 10,48,605 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2.08 प्रतिशत है।
लिंगानुपात में भी हुआ सुधार
अंतिम मतदाता सूची देखने पर पता चलता है कि प्रदेश में लिंगानुपात में भी सुधार देखने को मिला है। अब सूची में 2,69,57,881 पुरुष, 2,45,61,486 महिला और 562 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। महिला भागीदारी बढऩे से लोकतंत्र में संतुलन और मजबूती आई है। यहां युवा मतदाताओं की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 4,35,061 नए मतदाता जुड़े हैं, जिससे युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई दिशा मिली है। राज्य के कई जिलों में मतदाताओं की वृद्धि दर खास रही। जयपुर में नव मतदाताओं की 3.45 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक है। इसके अलावा भरतपुर, सिरोही और बूंदी में भी मतदाता संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जयपुर में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, 44 लाख से अधिक मतदाता दर्ज
प्रदेश में जारी एसआईआर सूची के तहत राजधानी ने प्रदेश में सबसे अधिक मतदाता दिए हैं। अभियान के तहत जयपुर जिले की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन शनिवार को हुआ। एसआईआर प्रक्रिया के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अब कुल मतदाता संख्या बढ़कर 44,35,111 हो गई है, जो प्रारूप सूची के मुकाबले 3.45 प्रतिशत अधिक है। आयोग ने 27 अक्टूबर से शुरू हुए विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के बाद 4 नवंबर से 11 दिसंबर तक घर-घर गणना का कार्य किया, जिसके बाद 16 दिसंबर को प्रारूप सूची जारी की गई थी। उस समय जिले में कुल 42,87,103 मतदाता दर्ज थे। दावे और आपāिायों की प्रक्रिया 16 दिसंबर से 19 जनवरी तक चली। इस दौरान नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। कुल 1,57,431 फॉर्म-6/6ए और 21,436 और नाम हटाने के फार्म फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फार्म 8 कुल 47,834 प्राह्रश्वत हुए। सभी आवेदनों का परीक्षण निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की ओर से पारदर्शी तरीके से किया गया। अंतिम सूची में 23,04,523 पुरुष, 21,30,509 महिला और 79 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
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