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पहले डमी अभ्यर्थी बैठाया और फिर BSC की फर्जी डिग्री लगाकर बन गया पटवारी

– पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में पकड़ा फर्जीवाड़ा, एसओजी ने डिग्री देने वाले मास्टरमाइंड को भी दबोचा

जयपुर। एसओजी ने पटवारी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले मास्टर माइंड मांगीलाल मीणा को भी दबोच लिया है। इससे पहले एसओजी ने भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी पाने वाले मुख्य अभियुक्त बलराम मीणा को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि कोटा निवासी मास्टरमाइंड मांगीलाल मीणा ने ही मुख्य अभियुक्त बलराम मीणा को फर्जी बीएससी की डिग्री दिलाई थी। एसओजी अब मास्टरमाइंड मांगीलाल मीणा से यह पता करेगी कि फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने के कारोबार में कितने लोग और शामिल हैं। साथ ही उन्होंने फर्जी डिग्री कितने लोगों को बेची है।

5 साल के दस्तावेज खंगाले तो पकड़ी गई कारस्तानी

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि प्रमुख शासन सचिव (कार्मिक) के निर्देश पर बूंदी में आंतरिक कमेटी गठित की गई। कमेटी ने अभ्यर्थियों के पिछले पांच वर्षों के दस्तावेज खंगाले। इस दौरान कमेटी को रोल नम्बर 3269761 के अभ्यर्थी बलराम मीणा का आवेदन पत्र मिला। इस पर जो फोटो लगा हुआ था और जो कर्मचारी काम कर रहा है, दोनों अलग-अलग थे। वहीं हस्ताक्षर भी अलग-अलग थे। संदेह होने पर एसओजी को रिपोर्ट भेजी गई, जिस पर जांच के दौरान सच्चाई का पता चल गया।

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डमी अभ्यर्थी से लेकर बिचौलिए तक हो चुकी है गिरफ्तारी

एसओजी की जांच में यह भी पता चला कि मुख्य आरोपी बलराम मीणा ने पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी भी पा ली। बलराम मीणा के स्थान पर उमेश कुमार चौधरी ने परीक्षा दी थी। बताया जा रहा है कि मनफूल धायल ने आरोपी बलराम मीणा की उमेश चौधरी से मुलाकात कराई थी। इसके बाद एसओजी ने उसी दौरान आरोपी मनफूल सिंह धायल और उमेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मुख्य आरोपी बलराम मीणा को इसी साल 24 सितम्बर को गिरफ्तार किया गया था।

 

मोनाड यूनिवर्सिटी से हुई फर्जी डिग्री की पुष्टि

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय बलराम ने जो डिग्री दी थी, वह भी फर्जी थी। पूछताछ में बलराम ने बताया कि आरोपी मांगीलाल मीणा ने उसे यह फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनवाकर दी थी। एसओजी ने हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी से डिग्री और मार्कशीट की जांच कराई। इसमें सत्र 2012-15 के विज्ञान संकाय में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की सूची में बलराम मीणा का नाम नहीं मिला। इससे साबित हो गया कि बीएससी (बायो साइंस) की डिग्री और मार्कशीट फर्जी हैं।

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