Home » राजस्थान » जयपुर निगम में 15 लाख की रिश्वत डील, 4 लाख लेते संविदाकर्मी पकड़ा, दो वेटनरी डॉक्टर भी गिरफ्तार

जयपुर निगम में 15 लाख की रिश्वत डील, 4 लाख लेते संविदाकर्मी पकड़ा, दो वेटनरी डॉक्टर भी गिरफ्तार

-पशु प्रबंधन शाखा में तैनात है दोनों डॉक्टर्स, संविदाकर्मी के जरिए ली घूस

जयपुर। एसीबी ने जयपुर नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी प्रथम डॉ. राकेश कलोरिया, पशु चिकित्सा अधिकारी द्वितीय डॉ. योगेश शर्मा और संविदा पर लगे कम्प्यूटर ऑपरेटर जितेन्द्र सिंह को 4 लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। दोनों पशु चिकित्सा अधिकारियों ने परिवादी से आवारा कुत्तों की यूट्रस और टेक्टिकल्स की गणना और बिल फारवर्ड करने के बदले में रिश्वत मांंगी थी। दोनों पशु चिकित्सा अधिकारी संविदाकर्मी जितेन्द्र सिंह के जरिए रिश्वत लेना चाह रहे थे। इस पर एसीबी ने संविदाकर्मी को 4 लाख रुपए की रि‌श्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एसीबी ने पशु प्रबंधन शाखा में पदस्थ डॉ.योगेश शर्मा और डॉ. राकेश कलोरिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन और महानिरीक्षक सत्येन्द्र कुमार के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

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आवारा कुत्तों की नसबंदी के बिल पास कराने के नाम पर मांगी घूस

एसीबी के डीजी गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी की जयपुर ईकाई को इस सम्बंध में लिखित शिकायत मिली। इसमें बताया गया कि जयपुर में आवारा कुत्तों के नसबंदी और टीकाकरण के लिए परिवादी को टेंडर मिला। परिवादी ने टेंडर का काम पूरा करने के बाद बिल बनाकर हेरिटेज नगर-निगम ऑफिस में पेश कर दिए। इसके बाद आवारा कुत्तों से निकाले गए यूट्रस और टेक्टिकल्स की गणना नगर निगम हेरिटेज के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा नहीं कर रहे थे। गणना करने और सभी बकाया बिल फॉरवर्ड करने के बदले में 12 लाख रुपए रिश्वत की मांग की। इसी तरह परिवादी ने नगर निगम ग्रेटर में कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के नवम्बर और दिसम्बर 2025 के बिल बनाकर पेश कर दिए थे। फिर भी आवारा कुत्तों के निकाले गए यूट्रस और टेक्टिकल्स की गणना नहीं की जा रही थी। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कालोरिया ने गणना करने और बिलों को फॉरवर्ड करने के बदले में 2 लाख रुपए प्रतिमाह यानी 4 लाख रुपए और जनवरी 2026 से 3.50 लाख रुपए प्रतिमाह के हिसाब से रिश्वत मांग रहे थे।

संविदाकर्मी रंगे हाथ पकड़ा, पूछताछ के बाद डॉक्टर्स भी गिरफ्तार

एसीबी के सत्यापन में शिकायत सही पाई गई। इसमें एसीबी को पता चला कि दोनों पशु चिकित्सा अधिकारी कुल 15 लाख रुपए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। इसके बाद एसीबी टीम ने ट्रेप कार्रवाई करते हुए पशु प्रबंधन शाखा में संविदा पर लगे कम्प्यूटर ऑपरेटर जितेन्द्र सिंह को दोनों डॉक्टर्स के लिए 4 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही एसीबी की अन्य टीमों ने डॉ. योगेश शर्मा और डॉ. राकेश कलोरिया को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई को उप महानिरीक्षक द्वितीय आनन्द शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र ने अंजाम दिया।

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