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डोटासरा ने ली चुटकी, मार्च में पंचायतीराज चुनाव कराने की केन्द्र से आ गई पर्ची

 – प्रदेश कांग्रेस कमेटी का पंचायती राज सशक्तीकरण सम्मेलन सम्पन्न

– कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर बोला जुबानी हमला

 

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जयपुर के बिड़ला सभागार में पंचायती राज सशक्तीकरण सम्मेलन आयोजित हुआ। इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान की भजनलाल सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में पर्ची से सरकार का गठन हुआ है और अब पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने के लिए भी केन्द्र से पर्ची आने का इंतजार मुख्यमंत्री करते रहे। इस फेर में प्रदेश के 3000 करोड़ रुपए भाजपा की सरकार गंवाने के कगार पर है। यदि समय पर चुनाव हो जाते तो आज कई प्रधानों और सरपंचों का कार्यकाल डेढ़ वर्ष का हो चुका होता, गांवों में विकास की योजनाएं बनती, वन स्टेट-वन इलेक्शन के नाम पर ग्रामीण विकास के लिए मिलने वाला कोष इस सरकार ने गंवा दिया, अब केन्द्र सरकार से पर्ची आ गई है कि मार्च में चुनाव नहीं हुए तो केन्द्र से मिलने वाले 3000 करोड़ लैप्स हो जाएंगे।

6 साल से नहीं हो रहे पंचायत प्रतिनिधियों का चुनाव

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा।

गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि 6 साल से अधिक समय पंचायती राज प्रतिनिधियों का चुनाव हुए बीत गया है, किन्तु इस सरकार ने जानबूझकर संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए प्रदेश में समय पर पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव नहीं करवाए हैं। सरकार से सवाल है कि एक तरफ तो भाजपा के नेता एवं प्रधानमंत्री स्वयं संविधान की दुहाई देते हैं, और दूसरी ओर संविधान के प्रावधानों का पूर्णतया उल्लंघन भाजपा की प्रदेश सरकार कर रही है। संविधान के आर्टिकल 243यू में और 243ई में स्पष्ट प्रावधान है कि पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनाव 5 वर्ष की अवधि में कराना आवश्यक है, किन्तु पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हुए एक साल बीतने के बावजूद भी चुनाव नहीं हुए हैं। सरपंच को प्रशासक लगा दिया, लेकिन प्रधान व जिला परिषद् सदस्य कार्यमुक्त हो गए हैं, पिछले दो वर्ष से ग्रामीण राजस्थान के विकास के लिए किसी प्रकार की राशि पंचायती राज संस्थाओं को नहीं मिल रही है और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास पूर्णतया भाजपा सरकार ने ठप्प कर दिया है। राजस्थान में भाजपा शासन की ऐसी स्थिति है कि जिन प्रधानों का कार्यकाल शेष था, उन्हें जानबूझकर निलम्बित किया जा रहा है, कोर्ट से आदेश लाने के बावजूद भी बेनुगाह साबित कर कोई प्रधान पुन: पद पर आ जाए तो उसे बिना कारण हटा दिया जाता है। कांग्रेस शासन में बिना भेदभाव के पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया जाता था और विकास के लिए राशि जारी होती थी।

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सत्ता के लिए पार्टी में आने वालों की कोई जरूरत नहींः रंधावा

राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा।
राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा।

इस दौरान राजस्थान प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि पार्टी में राहुल गांधी ने बड़े बदलाव किए हैं। अब किसी की सिफारिश पर नहीं बल्कि योग्यता के आधार पर टिकिट दिए जाएंगे। विधायक को दायित्व मिल गया, अब पंचायती राज संस्थाओं में कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब वे सक्रिय राजनीति में आए तो उनके पिता ने राजनीति छोड़ दी थी, इसी प्रकार सबको कार्य करना होगा। पंचायती राज को देश में कांग्रेस ने खड़ा किया है, इसमें भाजपा का कोई योगदान नहीं है, बल्कि भाजपा पंचायती राज संस्थाओं को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि जो सत्ता के लिए पार्टी से जुड़े उसकी आवश्यकता नहीं है। अब पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करना होगा, क्योंकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एक और आजादी की लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

मनरेगा को खत्म कर गरीबों के साथ किया कुठाराघातः जूली

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली

इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि वे स्वयं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़कर नेता प्रतिपक्ष के पद तक पहुंचे हैं। जिला प्रमुख के रूप में जो कार्यकाल था, वह सबसे बेहतरीन रहा, क्योंकि हर व्यक्ति के लिए कुछ करने को और देने की शक्ति थी। आज के पंचायती राज में जो सबसे सशक्त कार्य होता था, वह मनरेगा का कार्य था, जिसे भाजपा ने इस कानून का खत्म कर जनता के हितों पर कुठाराघात किया है। कांग्रेस शासन में मजदूरी का 100 प्रतिशत पैसा केन्द्र सरकार देती थी और सबको काम मांगने का अधिकार था, रोजगार सहायक काम देते थे और अब इस योजना के खत्म होने से ठेकेदार योजना चलाएंगे। जहां केन्द्र की मर्जी होगी, वहीं काम मिलेगा और जिसे चाहेंगे उसे ही काम देंगे। केन्द्र सरकार ने मनरेगा योजना समाप्त कर गरीब को मारने का कार्य किया है। मनरेगा योजना से देश में आधारभूत ढांचा बना था, गांव में समृद्धि आई थी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त हुई थी, किन्तु भाजपा की केन्द्र सरकार ने इस योजना को धीरे-धीरे समाप्त किया है। कांग्रेस सरकार ने सात हजार करोड़ रुपए का बजट मनरेगा के लिए दिया था, किन्तु भाजपा की सरकार ने इसे कम कर दिया और अब यह योजना ही खत्म कर दी। इस दौरान पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पंवार सहित सिविल सोसाइटी के सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल, कमल टांक, मुकेश कुमार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष तथा कांग्रेस नेता शामिल हुए।

ऐसी ही खबरों के लिए देखते रहेंः DemocraticBharat.com

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