AI के आने कुछ लोगों के लिए काम आसान तो कुछ के लिए यह किसी बखेड़े से कम नहीं। जिसे देखो हर कोई AI की ही बात कर रहा है। पर असली खतरा तो उन लोगों के लिए बना हुआ है जो AI स्किल्स को अभी तक सीख नहीं पाए हैं। क्योंकि AI ने जॉब इंसिक्योरिटी को लाकर हमारे सामने प्रॉब्लम्स का ढेर लगा दिया। अगर आप भी अपनी AI टूल्स सीखना कर जॉब सिक्योर करना चाहते हैं। तो इस आर्टिकल के जरिए आपको प्रॉब्लम्स का सॉल्यूशन मिलने वाला है। तो देर किस बात की जानिए कौन-सी स्किल्स और AI टूल्स हैं, जो इस साल आपके करियर ग्राफ को आगे बढ़ाने में आपके काम आएंगे।
AI बन चुका है फ्यूचर प्रूफ करियर
AI ने काम करने के पुराने ढर्रे को बदल कर रख दिया है। जो काम पहले प्रोफेशनल्स को करने में घंटों या दिनभर का समय लग जाता था। वही काम chatGTP और AI टूल्स ने चुटकियों में कर दिखाया है। यह एक अलार्म है कि अगर उन प्रोफेशनल्स के लिए जिन्होंने अपनी स्किल्स को AI के साथ एडजस्ट नहीं किया तो उनका लंबा एक्सपीरियंस केवल CV तक सिमट कर रह जाएगा। ऐसे में AI से डरने की बजाए अपने करियर को रीस्ट्रक्चर और AI टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करने के लिए कमर कस लें। इसके लिए जरूरत है तो बस थोड़ी सी सूझ-बूझ की। कोई भी चीज हमें तभी तक डराती है जब तक हम उसे जानने-पहचानने से डरते हैं। आपको बस इतना ही करना है कि अपनी स्किल्स को AI के साथ जोड़कर कंधे से कंधा मिला कर चलना है। फिर देखिएगा आपका करियर ग्राफ तेजी से आगे बढ़ेगा।
AI है इन ह्यूमन स्किल्स के आगे फिसड्डी
इंमोशनल कनेक्शन और इंटेलिजेंस: चैट हो या डेटा, AI इस काम बेशक इंसानों से बाजी मार ले जाए। लेकिन इमोशनल लेवल और दिमागी पेचीदगियों की बात करें तो इंसान आज भी इस मामले में AI को धोबी पछाड़ दे रहा है। इसलिए एक स्ट्रगल कर रहे स्टार्टअप फाउंडर को गाइड करना हो या टीम मोटिवेशन जैसे काम आज भी AI खुद के बूते पर नहीं कर सकता है।
प्रॉब्लम-सॉल्विंग और क्रिएटिव थिंकिंग: असल में प्रॉब्लम्स कॉम्पलेक्स और इंटरडिसिप्लिनरी होते हैं। ऐसे में AI डेटा को एनालिसिस और पैटर्न को रिकॉग्नाइज कर तो सकता है, लेकिन जब बात सॉल्यूशन की हो तो क्रिएटिव थिकिंग के जरिए इंसान का बाजी मार ले जाना स्वाभाविक है। इसे कुछ ऐसे समझें, जैसे किसी कंपनी के एम्प्लॉय रिटेंशन को बढ़ाने की बात हो तो HR की पॉलिसी बदलने से बेहतर है, ऑफिस स्पेस को कुछ इस तरह डिजाइन किया जाए कि लोगों में टीम वर्क और कनेक्शन बढ़े।
करियर होगा सेफ, इन स्किल्स को दें स्पेस

AI फ्लुएंसी: AI को रॉकेट सांइस नहीं है कि आपके इंजीनियर बनने की ठान लें। बल्कि जरूरत यह सीखने की है कि AI को समझकर उसे किस तरह सही तरीके से यूज करना है। इसके लिए रोज 20-30 मिनट नए AI टूल्स को एक्सप्लोर करें, जिससे आपको यह जजमेंट करना आसान होगा कि AI कहां और किस हद तक हेल्प कर सकता है।
फास्ट लर्निंग और एडेप्टेशन: टाइम के साथ स्किल्स पुराने हो जाते हैं, ऐसे में सीखने की हैबिट बनाना बहुत जरूरी है। सीखने के लिए रोजाना प्रैक्टिस करें क्योंकि किसी भी नई टेक्नोलॉजी या टूल को बेहतर और जल्दी सीखने का पैशन ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होती है।
क्वालिटी कंट्रोल और क्यूरेशन: AI एक सवाल के जवाब में ढेरों ऑप्शन देता है। पर उसमें से बेहतर चुनने की क्वालिटी तो केवल इंसान के पास ही है। अगर हम मार्केटिंग फील्ड में देखें तो AI एक टाइम पर ही 50 ब्लॉग ड्राफ्ट रेडी करने ही कैपेसिटी रखता है। लेकिन कौन सा पोस्ट वर्क करने लायक है, यह डिसाइड करना केवल ह्यूमन क्वालिटी का ही काम है।
AI ने बता डाला, ये नए करियर ऑप्शंस है झिंगा-लाला

ह्यूमन AI कोलैबोरेशन डिजाइनर – इनके जॉब डिस्किप्शन में AI और ह्यूमन के बीच सही तरीके से काम करने का तरीका ढूंढना शामिल है। यानी AI और इंसान अपनी-अपनी स्ट्रेंथ के साथ मिलकर किस तरह टॉप रिजल्ट देंगे, जो कंपनी को ग्रो करने में हेल्पफुल होंगे।
AI इंटीग्रेशन स्पेशलिस्ट – इनके काम में टेक्नोलॉजी और बिजनेस की बेहतर तरीके से समझ रखना शामिल है। हालांकि इनके रोल यह भी शामिल है कि कंपनी और प्रोजेक्ट में AI की हेल्प किस तरह से ले सकते हैं और काम की एफिशियंसी को कैसे बढ़ाया जा सकता है।
हाई-टच ह्यूमन सर्विस – AI में चाहे कितनी ही एडवांस टेक्नोलॉजी आ जाए, लेकिन ह्यूमन टच और फील की सर्विसेज आज भी बेजोड़ है और आने वाले टाइम में भी रहेगी। पर्सनल कोचिंग, फाइनेंशियल हेल्प थेरेपी जैसी कई फील्ड्स ऐसी हैं जहां इंसान की समझ और कनेक्शन को रिप्लेस करना नामुमकिन है।
AI एथिक्स और गवर्नेंस रोल्स – AI सिस्टम्स बायस होकर गलत डिसीजन दे सकता है। ऐसे में इस प्रोफेशन के लोगों का काम यह देखना होता है कि AI कितना सही और एथिकल तरीकों से काम कर रहा है।
AI वर्ल्ड में इन बातों को सीखना करें शुरू
स्किल गैप पहचानें- टेक्नोलॉजी टाइम के साथ इतनी तेजी से बदल रही है कि कब, कौन सी नई स्किल्स सीखना आपका वैल्यूएबल बनाएगा। यह जज करना और गैप्स को भरने का काम आपका है।
एक ही टूल पर करें मास्टरी- AI अपने-आप में इतना वास्ट है कि ऐसे में AI के सभी एरिया को टच करना पॉसिबल नहीं है। आपको चाहिए कि किसी एक AI टूल पर ही मास्टरी कर उसके एक्सपर्ट बनें। क्योंकि मल्टीपर्पस होने से बेहतर एक्सपर्टीज होना है।
डिफिकल्ट बातों को आसान शब्दों में समझाना- अपनी एक्सपर्टाइज को दूसरों को आसान लफ्जों में समझाना सीखें।
रियल रिलेशनिशिप बनाना- नेटवर्किंग और ट्रस्ट इंसानी स्किल्स हैं, यह AI के लिए आज भी टेढ़ी खीर समान है।
क्रॉस-फंक्शनल स्किल्स- कोशिश करें कि अपने एरिया से संबंधित दूसरी स्किल्स की भी जानकारी रखें और समय मिलते ही सीखें। जैसे डेटा एनालिसिस और डिजाइन बेसिक्स।
जरूरी यह नहीं है कि AI से बेहतर कैसे काम करना है, बल्कि आज के समय में AI के साथ मिलकर बेहतरीन रिजल्ट कैसे निकालना है, यह इम्प्रॉर्टेंट है। सवाल है कि हम लीग से हटकर कैसे काम करें? तो रूटीन कामों को जिम्मा AI को सौंपे और क्रिएटिव कामों पर खुद फोकस करें। क्योंकि क्रिएटिव काम जजमेंट और कनेक्शन डिमांड करते हैं, जो AI के लिए देना पॉसिबल नहीं है। बस, रेगुलर सीखना जारी रखें और अपने करियर को एक्सपेरिमेंट की तरह देखें ताकि करियर का ग्राफ रॉकेट की तरह उड़ान भरें।
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