– राजधानी के तीनों बांधों के जल को जल्द किया जाएगा प्रदूषण से मुक्त, केन्द्र के विशेषज्ञ बांधों पर कर रहे अध्ययन
New Tourist Destination in Jaipur 2026: प्रदेश की भजनलाल सरकार अब जयपुर में टूरिस्ट की संख्या बढ़ाने के लिए नए डेस्टिनेशन बनाने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार बांधों को खूबसूरत बनाने पर काम कर रही है। सरकार ने इसके लिए कानोता, चंदलाई और नेवटा बांध को चुना है। ऐसे में जल्द ही इन बांधों पर आपको बोटिंग और डे/नाइट टूरिज्म सहित कई प्रकार की सुविधाएं भी मिलेंगी। इसके लिए सबसे पहले इन बांधों के जल को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने काम भी शुरू कर दिया है। केन्द्र सरकार से अधिकृत विशेषज्ञ तीनों बांधों पर विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द ही राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। आपको बता दें कि जयपुर के अधिकांश नदी, तालाब और बांध अतिक्रमण के भी शिकार हैं। जलसंसाधन विभाग इन बांधों के जलभराव क्षेत्र को भी अतिक्रमण मुक्त कराएगा। इसके लिए अतिक्रमणों को चिह्नित करना भी शुरू कर दिया है।
इन पर पूरी रिपोर्ट देंगे विशेषज्ञ

एजेंसी के विशेषज्ञ इन तीन बांधों की विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को देंगे। इसमें बताया जाएगा कि बांधों में जल प्रदूषण के कारण क्या हैं, कहां से और कितनी मात्रा में और किस तरह का प्रदूषित जल आ रहा है। प्रदूषित पानी को रोकने के उपाय, गंदे पानी के निकास के विकल्प और बांधों की दीर्घकालीन विकास की रूपरेखा भी इसमें पूरी बताई जाएगी। साथ ही सिंचाई के लिए बांधों से जल खेतों तक पहुंचाने की व्यवस्था, आवश्यक मशीनरी और जल प्रबंधन के बारे में भी बताया जाएगा। इसके अलावा बांधों पर टूरिज्म की संभावनाओं को भी शामिल किया जाएगा। इसमें बोटिंग सुविधा, ग्रीन लैंड विकसित कर डे/नाइट टूरिज्म सहित कई प्रस्ताव भी शामिल होंगे। विशेषज्ञ अध्ययन में इन बांधों की जल गुणवत्ता में कैसे सुधार हो, प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, जल उपचार की आधुनिक तकनीक, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर और जैव विविधता संरक्षण को भी रिपोर्ट में शामिल करेगी।
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पर्यटकों का उमड़ेगा सैलाब और स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
जयपुर के बांधों पर हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं। मानसून के दौरान बांधों पर पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ता है। लेकिन, गंदे पानी और अतिक्रमण के चलते इनकी संख्या में इजाफा नहीं हो पा रहा है। इन्हीं को ध्यान में रखकर बांधों को पर्यटकों के हिसाब से बनाया जाएगा। यहां पर पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके लिए सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे वे स्वच्छ माहौल में परिवार के साथ घूमने का लुत्फ उठाएं। इससे इन क्षेत्रों के निवासियों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे और पर्यटक भी शहर की भीड़-भाड़ से दूर परिवार के साथ फुर्सत के क्षण बिताएंगे। पानी साफ होने से आसपास के लोगों की पेयजल और खेती की समस्या दूर हो जाएगी। आपको बता दें कि कानोता, चंदलाई और नेवटा बांध पर मछली पालन भी किया जाता है।
जयपुर जिले में 113 बांध, प्रदूषण से सेहत खराब

जयपुर जिले में छोटे-बड़े करीब 113 बांध हैं। जानकारों का कहना है कि जयपुर के आस-पास के बांधों में फैक्ट्रियों, सीवरेज सहित अन्य स्थानों का गंदा पानी पहुंच रहा है। इससे बांधों की सेहत खराब हो रही है। आपको बता दें कि कानोता बांध में करीब 10 अलग-अलग जगहों से पानी आ रहा है। इसमें नागतलाई, ब्रह्मपुरी नाला, जलमहल सहित अन्य जगहों से पानी आ रहा है। कानोता बांध ढूंढ नदी पर बना हुआ है। इसमें भी कई फैक्ट्रियों का भी गंदा पानी आ रहा है।
तीनों बांधों की वर्तमान स्थिति
कानोता बांध 401 हैक्टेयर फैलाव और 17 फीट भराव क्षमता
चंदलाई बांध 200 हैक्टेयर फैलाव और 10 फीट भराव क्षमता
नेवटा बांध 337 हैक्टेयर फैलाव और 16 फीट भराव क्षमता
इनका कहना है…
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि से राजस्थान जल और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक सशक्त और अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभर रहा है। सरकार के अभिनव प्रयास वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सतत् भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं। – सुरेश सिंह रावत, जल संसाधन मंत्री
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