Home » टॉप स्टोरी » बंगाल की राजनीति का स्तंभ गिरा: तृणमूल के संस्थापक मुकुल रॉय नहीं रहे

बंगाल की राजनीति का स्तंभ गिरा: तृणमूल के संस्थापक मुकुल रॉय नहीं रहे

-तृणमूल के पहले महासचिव मुकुल रॉय का निधन, बंगाल की राजनीति में शोक की लहर

 

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय (71 वर्ष) का रविवार देर रात निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे मुकुल रॉय साल्टलेक के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।

 

पीएम मोदी ने कहा अनुभवी नेता थे रॉय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें अनुभवी और प्रभावशाली नेता बताया। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भावुक श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मुकुल रॉय उनके “संघर्षों के साथी” और पार्टी के मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की नींव मजबूत करने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

 

यह भी पढ़ें: गोविंद डोटासरा का दावा पड़ा भारी! 25 नहीं, 31.36 लाख वोटर्स के नाम कटे

 

रॉय के निधन से बंगाल की राजनीति का एक अध्याय खत्म

तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी शोक व्यक्त करते हुए विधानसभा में श्रद्धांजलि अर्पित करने की घोषणा की। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी सहित भाजपा नेताओं ने भी उनके निधन को राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया। 1997 में तृणमूल कांग्रेस के गठन के समय मुकुल रॉय पार्टी के पहले अखिल भारतीय महासचिव बने थे और संगठन विस्तार में उनकी भूमिका निर्णायक रही। 2017 में भाजपा में जाने के बाद 2021 के विधानसभा चुनाव पश्चात वे फिर अपनी पुरानी पार्टी में लौट आए थे। उनके निधन के साथ बंगाल की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया।

 

यह भी पढ़ें: विधानसभा में ‘2 साल बनाम 5 साल’ पर महाभारत! सीएम ने लहराए दस्तावेज, कांग्रेस का वॉकआउट

 

ऐसी ही खबरों के लिए देखें: Democraticbharat.com

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x