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8 वें वेतन आयोग का झांसा, सरकारी कर्मचारी का एक क्लिक में खाली हो रहा खाता

– व्हाट्सएप पर ‘सैलरी कैलकुलेटर’ लिंक से सावधान, APK फाइल बन रही सबसे बड़ा खतरा

जयपुर। प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए साइबर ठगों ने अब 8वें वेतन आयोग के नाम पर नया जाल बुनना शुरू कर दिया है। साइबर ठग सरकारी कर्मचारियों के वाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं। इसमें सैलेरी में भारी बढ़ोतरी होने का वादा किया जाता है। इतना ही नहीं मैसेज में बढ़ी हुई सैलेरी चैक करने के लिए सैलेरी कैलकुलेटर का लिंक भी देते हैं। इसी के जरिए साइबर ठग सरकारी कर्मचारियों के खातों से जमा पूंजी पर डाका डाल रहे हैं। साइबर क्राइम के डीजी संजय अग्रवाल ने विशेष एडवाइजरी जारी कर सरकारी कर्मचारियों को सतर्क रहने को कहा है।

 

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साइबर ठग ऐसे बुनते हैं जाल

DGP अग्रवाल ने बताया कि साइबर अपराधी सरकारी कर्मचारियों के वाट्सएप पर वेतन आयोग के बाद सैलेरी में मोटा इजाफा होने का मैसेज भेजते हैं। इसके  लिए बाकायदा सैलेरी कैलकुलेटर का लिंक भी दिया जाता है, जिसमें बढ़ी हुई सैलेरी चैक करने का लालच दिया जाता है। इस लिंक के जरिए एपीके फाइल डाउनलोड करने का दबाव बनाया जाता है। जैसे ही कोई कर्मचारी इस फाइल को इंस्टॉल करता है, उसके मोबाइल का पूरा कंट्रोल साइबर ठगों के हाथ में आ जाता है। इसके बाद ठग मोबाइल से ओटीपी, नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स और निजी जानकारी चुराकर बैंक खाते से सारे पैसे साफ कर देते हैं।

सरकार व्हाट्सएप पर फाइल नहीं भेजती

डीजीपी अग्रवाल ने बताया कि सरकार या कोई भी आधिकारिक विभाग वेतन संबंधी कैलकुलेशन के लिए कभी भी व्हाट्सएप पर एपीके फाइल या सॉफ्टवेयर नहीं भेजता है। अनवेरिफाइड सोर्स से ऐप डाउनलोड करना अपने बैंक की चाबी चोरों को देने जैसा है। वेतन या पेंशन की कोई भी जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर ही उपलब्ध होती है। डीजीपी का कहना है कि ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं, तुरंत हैल्प लाइन नम्बर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं

 

साइबर ठगी से ऐसे बचें

– किसी भी अनजान नंबर से आए लुभावने मैसेज या फाइल पर क्लिक न करें।
– ऐसे मैसेज मिलने पर फाइल डाउनलोड करने के बजाय मैसेज को तुरंत डिलीट करें और उस नंबर को रिपोर्ट व ब्लॉक करें।
– केवल सरकारी वेबसाइटों पर ही अपनी सर्विस डिटेल्स चेक करें।
– कभी भी गूगल प्ले स्टोर के बाहर से कोई थर्ड-पार्टी ऐप इंस्टॉल न करें।

ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें : Democraticbharat.com

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