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पटना में 10 मई को HAM की बड़ी रैली, कर सकते हैं बड़ा ऐलान..

इतनी बेज्जती के बाद क्या गठबंधन छोड़ेंगे मांझी? 10 अप्रैल की रैली से होगा स्पष्ट

PATNA: बिहार विधानसभा चुनाव  में अब छह महीने का वक्त ही बचा है. इस बीच महागठबंधन (Grand Alliance) दलों के बीच लगातार अनबन की खबर सामने आ रही है. मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की मुलाकात के बाद से ही बिहार में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है.

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इस बीच मांझी की पार्टी ने 10 अप्रैल को हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) की एक बड़ी रैली का आह्वान कर सियासत को थोड़ा और गर्मा दिया है. जानकारी के अनुसार अगर महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर बात नहीं बनी, तो इस दिन मांझी कोई बड़ा ऐलान भी कर सकते हैं. बता दें कि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने 10 अप्रैल को गांधी मैदान की बुकिंग की है. वहीं, रैली को सफल बनाने को लेकर पार्टी पदाधिकारियों को बुलाकर टास्क दिया है.

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गौरतलब है कि मंगलवार को महागठबंधन के घटक दल HAM के मुखिया और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात हुई है. इसके बाद प्रदेश की सियासत में नए समीकरणों की आहट सुनाई देने लगी है.

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मांझी-नीतीश मुलाकात पर बोली जेडीयू

नीतीश और मांझी की देर तक चली इस मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. माना जा रहा है कि मांझी आरजेडी (RJD) द्वारा उनकी उपेक्षा किए जाने की प्रतिक्रिया में नई राजनीतिक संभावनाओं को तलाश रहे हैं. महागठबंधन (Grand Alliance) में इस टकराव के बीच मांझी-नीतीश मुलाकात पर जेडीयू (JDU) ने कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है.

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जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने  कहा कि दो बड़े नेता हैं, मुलाकात हुई तो कई बातें हुई होंगी. मैं तो बंद कमरे में था नहीं, लेकिन राजनीति संभावनाओं का खेल है, कब क्या हो जाए कौन जानता है? आगे-आगे देखिए कई और राजनीतिक धमाके होंगे.

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