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चाहे कितना भी हो प्रदूषण, त्वचा और आंखें रहेंगी खिली-खिली

– दिल्ली और एनसीआर सहित हर जगह बढ़ रहा प्रदूषण का खतरनाक स्तर, शरीर को तरोताजा रखना बना चुनौती

 

भारत में लगातार बढ़ते शहरीकरण और जनसंख्या सहित कई कारणों से तेजी से प्रदूषण बढ़ रहा है। पिछले कुछ समय से दिल्ली सहित कई शहरों में पीएम लेवल 150 से पार बना हुआ है। इससे कोलेजन और इलास्टिसिटी जैसे अहम तत्वों को नुकसान पहुंचता है। इस बढ़ते प्रदूषण का असर पर्यावरण के अलावा त्वचा और आंखों पर भी होता है। इस वजह से त्वचा बेजान और बेरुखी नजर आती है। वहीं त्वचा पर एक्ने, एक्जिमा और हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्याएं बढ़ती है। त्वचा में नमी की कमी होती है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। इस वजह से समय से पहले ही बुढ़ापे का असर दिखने लग जाता है। ऐसे में यदि घर पर ही कुछ उपाय किए जाएं तो प्रदूषण से त्वचा और आंखों को बचाया जा सकता है।

त्वचा का ऐसे करें पूरा खयाल

चेहरे को हल्के फेस वॉश से जरूर धोएं, जिससे त्वचा पर जमी धूल और गंदगी हट जाती है। साथ ही त्वचा की सुरक्षा परत भी सुरक्षित रहती है। साथ ही सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल भी करें, यह सूरज की यूवी किरणों के अलावा प्रदूषण से भी स्किन की सुरक्षा करता है। सप्ताह में दो से तीन बार स्किन की गहराई से सफाई करें, सामान्य क्लीजिंग से त्वचा की बेहतर सफाई नहीं हो पाती है। इसलिए बढ़ते प्रदूषण में स्किन की डीप क्लीनिंग करनी चाहिए। चेहरे को धोने के लिए ऑयल बेस्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। दिन में दो बार चेहरे को अच्छे से जरूर धोएं। वहीं सोने से पहले डबल क्लीजिंग करें, क्योंकि दिनभर त्वचा पर प्रदूषण और गंदगी जमा हो जाती है। इसके बाद पेप्टाइड युक्त सीरम लगाएं और मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें। बाहर जाते समय चेहरे को ढंकें और धूल से दूरी बनाएं रखें।

आंखों को धूप से बचाने के लिए चश्मा पहने। त्वचा को डिटॉक्स और हाइड्रेट करने के लिए रोजाना पर्याप्त पानी, जूस और सूप पिएं। अपने भोजन में रोजाना फल और सब्जियों को शामिल करें। जामुन, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी, अंगूर, संतरा, अनार जैसे फलों और पालक, गाजर और ब्रोकली जैसी सब्जियों का इस्तेमाल करें। इससे त्वचा में जान आती है।

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शुष्क और तैलीय त्वचा के लिए ये इस्तेमाल करें

यदि आपकी त्वचा शुष्क है तो आपको क्लीजिंग क्रीम तथा जैल का प्रयोग करना चाहिए, जबकि तैलीय त्वचा में क्लीनिंग दूध या फेस वॉश का उपयोग किया जा सकता है। सौंदर्य पर प्रदूषण के प्रभावों को कम करने के लिए चन्दन, यूकेलिप्टस, पुदीना, नीम, तुलसी, घृतकुमारी जैसे पदार्थों का उपयोग कीजिए। इन पदार्थों में विषैले तत्वों से लड़ने की क्षमता होती है। वहीं ये फोड़े, फुंसियों को भी दूर करते हैं। प्रदूषण की वजह से सिर पर भी गंदगी जमा हो जाती है। इसलिए सिर को भी अच्छे से धोना चाहिए। फिर नारियल तेल को गर्म करके सिर पर लगाना चाहिए। इसके बाद गर्म पानी में तौलिया को डुबोकर निचोड़ लें। फिर तौलिए को सिर के चारों ओर पगड़ी की तरह करीब 5 मिनट बांधकर रहने दीजिए। ऐसा 3 से 4 बार करें। फिर सुबह ताजा पानी से सिर को अच्छे से धो लें।

आंखों की दूर होगी थकान और आएगी चमक

वायु प्रदूषण और गंदगी से आंखों में जलन और लालिमा आ सकती है। इसके लिए आंखों को ताजा पानी से बार-बार धोना चाहिए। कॉटन वूल पैड को गुलाब जल या फिर ग्रीन टी में डुबोकर आंखों में आईपैड की तरह इस्तेमाल करें। फिर जमीन पर 15 मिनट तक शव आसन की मुद्रा में आराम से लेट जाइए। इससे आंखों की थकान मिटती है और चमक आती है। इसके अलावा वायु प्रदूषण से बचने के लिए घरों में एलोवेरा जैसे औषधीय पौधे भी लगा सकते हैं। यह ऑक्सीजन के प्रवाह को तेज करता है और प्रदूषण के प्रभाव को कम करता है।

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