जयपुर। जयपुर में फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की सेंट्रल टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 43 हजार लीटर मिलावटी घी पकड़ा है। खास बात यह है कि सरकारी रिकॉर्ड में फर्म का रजिस्टर्ड पता जहां का था, वहां ना होकर फर्म दूसरी जगह मिली। वहीं इस पते पर एक और फर्म काम कर रही थी। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि जयपुर में माचेड़ा की श्याम विहार कॉलोनी में गिरधर मिल्क फूड प्रोडक्ट नाम की फर्म भोग विनायक ब्राण्ड से घी बनाती है। प्रतापगढ़ जिले में भोग विनायक ब्राण्ड घी के नमूने जांच रिपोर्ट में अनसेफ पाए गए थे। इस पर जयपुर में टीम माचेड़ा की मैसर्स गिरधर मिल्क फूड प्रोडक्ट पर पहुंची। लेकिन, फर्म वहां पर नहीं होकर चोरी-छिपे अन्य स्थान से घी का कारोबार कर रही थी। जबकि खाद्य अनुज्ञा पत्र एवं कार्यालय रिकॉर्ड में माचेड़ा का पता दे रखा था।
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भोग विनायक, हरियाणा क्रीम और नक्ष डेयरी का घी सीज

खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने मौके पर पाया कि इस संस्थान पर एक अन्य फर्म श्री श्याम मिल्क फूड प्रोडक्ट भी संचालित हो रही थी। दोनों फर्मों के तीन गोदामों में भोग विनायक ब्राण्ड का 9065 लीटर घी विभिन्न पैकिंग साइज में, हरियाणा क्रीम ब्राण्ड का 17741 लीटर और नक्ष डेयरी ब्राण्ड का 16617 लीटर घी विभिन्न पैकिंग साइज में पाया गया। सभी ब्राण्ड के नमूने लेने के बाद इस 43 हजार 421 लीटर घी को मौके पर सीज किया गया। नमूनों की जांच बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अन्तर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फर्म का लाइसेंस होगा निरस्त
अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि पूर्व में केंद्रीय प्रयोगशाला जयपुर की रिपोर्ट में भोग विनायक ब्राण्ड घी का नमूना जांच में अनसेफ पाया गया था। इस पर प्रदेशभर में बाजार से इस घी को तत्काल वापस लिए जाने के लिए आदेश जारी किए गए थे। फर्म के खिलाफ मिली अनियमितताओं के दृष्टिगत खाद्य अनुज्ञा पत्र निरस्त किये जाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
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