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मोबाइल गेम की लत, गाजियाबाद में तीन बहनों ने नौंवी मंजिल से कूदकर दे दी जान

-गेम के चक्कर में दो साल से स्कूल भी छोड़ रखा था, पिता की अपील-बच्चों को ना खेलने दें गेम

Mobile game addiction:  गाजियाबाद। गाजियाबाद से दिल दहलाने वाली खबर आई है। मोबाइल गेम की लत ने गाजियाबाद में तीन सगी नाबालिग बहनों की जान ले ली। कोरियन लव गेम का टास्क पूरा करने के लिए तीनों बहनों ने मंगलवार रात 2 बजे नौवीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली। तीनों ने पहले कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर बारी-बारी से बालकनी से छलांग ला दी। तीनों की उम्र सिर्फ 12 से 16 साल के बीच है। परिजन आवाज सुनकर दौड़े। देखा तो कमरा बंद था। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। आपको बता दें कि तीनों को टास्क बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। इस गेम के चक्कर में तीनों ने स्कूल भी छोड़ दिया था।

 

पिता की फटकार के बाद उठाया कदम

घटनास्थल से बरामद बच्चियों द्वारा लिखा सुसाइड नोट

पुलिस ने बताया कि तीनों हर वक्त साथ रहती थीं। एक साथ नहाती थीं और टॉयलेट जाती थीं। पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके बाद तीनों बहनों ने आत्महत्या की। तीनों बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहां डायरी में 18 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें कहा गया कि “मम्मी-पापा सॉरी” गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको अहसास होगा कि हमसे कितना प्यार करते थे। दिल दहलाने वाली यह घटना भारत सिटी बी-1 टावर के फ्लैट नम्बर 907 की है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों ने आत्महत्या की है। तीनों मोबाइल गेम खेलती थीं। किन परिस्थितियों में आत्महत्या की गई, इसकी जांच की जा रही है। पिता ने सभी से अपील की है कि कोई भी मां-बाप अपने बच्चों को मोबाइल गेम खेलने न दें।

 

“सॉरी पापा गेम हमारी जिंदगी है”

पिता ने पुलिस को बताया कि तीनों बहनें निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) तीन साल से गेम खेलती थीं। कहती थीं-कोरिया जाना है। पिता चेतन ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं। परिवार में पत्नी, एक बेटा और तीन बेटियां थीं। बेटियों ने लिखा, “सॉरी पापा, हम गेम नहीं छोड़ सकते। कोरियन गेम हमारी जिंदगी, हमारी जान है।” पिता ने बताया कि तीनों बेटियां दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। दिनभर गेम खेलती रहती थीं। आसपास के लोगों से भी बात नहीं करती थीं। अक्सर कहती थी कि हम लोगों को कोरिया जाना है।

 

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80 फीट ऊंचाई से कूदी बच्चियां, प्राची का टास्क मानती थीं बहन

पिता चेतन ने बताया कि “कभी हम उनके कमरे में चले जाते तो वहां से तीनों दूसरे कमरे में चली जाती थीं। बेटी प्राची दोनों को टास्क देती थी। दोनों बेटियां उसकी हर बात मानती थीं। तीनों बेटियां हर वक्त एक साथ रहती थीं। एक साथ ही टॉयलेट जाती थीं। नहाती भी साथ ही थीं।” पुलिस ने बताया कि तीनों बच्चियां 80 फीट ऊंचाई से कूदी थीं। सूचना पर पुलिस रात 2:18 बजे मौके पर पहुंची। तीनों बच्चियां गंभीर घायलावस्था में जमीन पर पड़ी मिलीं। उन्हें एम्बुलेंस से लोनी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

 

ऐसी ही खबरों के लिए देखें: Democraticbharat.com

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